Last updated: August 17th, 2026 at 04:58 pm

उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मेरठ में 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed (JeM) से कथित संबंधों और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ATS के अनुसार आरोपी बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला है और उसे रविवार को मेरठ से पकड़ा गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक जफर पर आरोप है कि वह एक मदरसे के नाम पर चंदा जुटा रहा था और कथित तौर पर इस रकम को पाकिस्तान स्थित लोगों तक भेजने की कोशिश कर रहा था। ATS को शक है कि इस धन का इस्तेमाल भारत में आतंकी गतिविधियों से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाना था।
ATS के अनुसार आरोपी की पहचान मोहम्मद जफर, निवासी मीरगंज गांव, रौटा थाना क्षेत्र, पूर्णिया जिला, बिहार के रूप में हुई है। वह पहले मेरठ में रह चुका था और वहीं एक मदरसे में पढ़ाई कर चुका है। रिपोर्टों के अनुसार वह करीब दो महीने पहले दोबारा मेरठ आया था।
जांच के दौरान ATS को आरोपी के मोबाइल फोन से कई पाकिस्तान स्थित कथित जिहादी WhatsApp ग्रुप मिलने की बात सामने आई है। एजेंसी इन डिजिटल संपर्कों और आरोपी की गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है।
ATS का आरोप है कि जफर सोशल मीडिया पर JeM प्रमुख मसूद अजहर के भाषण और कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री भी साझा कर रहा था। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोशल मीडिया गतिविधियों का उद्देश्य क्या था और क्या आरोपी का किसी बड़े नेटवर्क से संपर्क था।
मामले में फंड ट्रांसफर भी जांच का प्रमुख हिस्सा है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार एजेंसी को डिजिटल माध्यम से धन भेजने की कोशिश के संकेत मिले हैं और cryptocurrency के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर बैंक खातों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल लेनदेन और संपर्कों की जांच करती हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि धन कहां से आया, किसे भेजा जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
ATS अब आरोपी के कथित पाकिस्तान संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क था।
जांच एजेंसियों के लिए ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं। मोबाइल फोन से मिले chats, groups, contact details और transaction records से किसी संदिग्ध नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।
मेरठ में हुई इस गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश ATS की कार्रवाई को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पहले भी ATS ने कथित आतंकी नेटवर्क और संदिग्ध फंडिंग से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है।
हालांकि, आरोपी पर लगे आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है। गिरफ्तारी या जांच एजेंसी के आरोपों को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
मामले की आगे की जांच में यह स्पष्ट हो सकता है कि आरोपी के कथित संपर्क कितने व्यापक थे और क्या किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका भी सामने आती है।
UP ATS ने मेरठ से बिहार के पूर्णिया निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को JeM से कथित संबंध और पाकिस्तान तक धन पहुंचाने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया है। एजेंसी अब उसके डिजिटल संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
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