Last updated: August 17th, 2026 at 05:03 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वाजपेयी के राजनीतिक जीवन और उत्तर प्रदेश से उनके लंबे जुड़ाव को याद किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय राजनीति में निष्कलंक और निस्वार्थ राजनीति की एक अलग पहचान स्थापित की। उनके लिए राष्ट्र हमेशा पार्टी और सत्ता से ऊपर रहा।
लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वाजपेयी के विचारों और राजनीतिक जीवन को याद किया। इस दौरान उनकी स्मृति में तैयार की गई एक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वाजपेयी ऐसे नेता थे जिनका सम्मान राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर अलग-अलग दलों के नेताओं ने किया। उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषताओं में सरलता, विनम्रता और दृढ़ राजनीतिक संकल्प शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के लिए ‘राष्ट्र प्रथम’ केवल एक राजनीतिक नारा नहीं था, बल्कि उनके सार्वजनिक जीवन का मूल सिद्धांत था। उन्होंने अपने राजनीतिक फैसलों में हमेशा देश के हित को प्राथमिकता दी।
वाजपेयी और उत्तर प्रदेश के रिश्ते का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि उनका प्रदेश से गहरा राजनीतिक और भावनात्मक संबंध था। वाजपेयी ने 1957 में बलरामपुर से पहली बार लोकसभा चुनाव जीता और बाद में लखनऊ का प्रतिनिधित्व भी किया। उन्होंने लखनऊ से लगातार कई चुनाव जीतकर शहर के साथ मजबूत राजनीतिक रिश्ता बनाया।
लखनऊ में वाजपेयी की लोकप्रियता लंबे समय तक बनी रही। वह इस शहर से पांच बार लोकसभा सांसद रहे। यही वजह है कि लखनऊ को उनकी प्रमुख राजनीतिक कर्मभूमियों में गिना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों को भी याद किया। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान वाजपेयी के नेतृत्व और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का उल्लेख किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वाजपेयी की राजनीति में विरोधियों के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक संवाद की विशेष जगह थी। उनके व्यक्तित्व की यही विशेषता उन्हें भारतीय राजनीति में अन्य नेताओं से अलग बनाती थी।
वाजपेयी केवल BJP के नेता नहीं बल्कि भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व के रूप में याद किए जाते हैं जिन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सम्मान दिया। उनके भाषणों और कविताओं ने भी उन्हें आम जनता के बीच अलग पहचान दिलाई।
लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वाजपेयी के जीवन, विचारों और राजनीतिक योगदान को याद करने के साथ उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की राजनीति में वाजपेयी के आदर्शों को याद करना इसलिए जरूरी है क्योंकि उन्होंने सत्ता को व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय राष्ट्र सेवा का माध्यम माना।
उनकी विरासत में लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रहित, सुशासन और राजनीतिक संवाद को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उत्तर प्रदेश में वाजपेयी का नाम लखनऊ के साथ विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। उनके लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान लखनऊ राष्ट्रीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में भी वाजपेयी को पुष्पांजलि दी गई।
अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक विरासत आज भी BJP और भारतीय राजनीति में प्रभावशाली मानी जाती है। उनके नेतृत्व में देश ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और रणनीतिक फैसले देखे।
उनकी आठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके जीवन के अलग-अलग पहलुओं को याद किया गया। खासतौर पर उनके ‘राष्ट्र प्रथम’ के विचार और राजनीतिक सादगी को प्रमुखता दी गई।
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निष्कलंक राजनीतिक जीवन, राष्ट्र प्रथम की सोच और यूपी-लखनऊ से उनके गहरे संबंध को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाजपेयी की राजनीतिक विरासत आज भी देश और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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