Last updated: August 31st, 2026 at 11:23 am

Bihar Politics: बिहार में आरक्षण को लेकर NDA के भीतर चल रही बयानबाजी के बीच अब RJD नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मोर्चा खोल दिया है। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने बीजेपी और RSS पर निशाना साधते हुए दावा किया कि देश में आरक्षण खत्म करने की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
मांझी और चिराग के बयानों पर तेजस्वी का पलटवार
तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के आरक्षण से जुड़े बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोनों नेता लंबे समय से आरक्षित सीटों के जरिए चुनावी राजनीति में रहे हैं, ऐसे में आरक्षण को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग रुख पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि NDA में शामिल कुछ नेताओं पर आरक्षण के मुद्दे पर एक खास लाइन अपनाने का दबाव है। उन्होंने दावा किया कि कई नेताओं को यह निर्देश दिया जाता है कि किस मुद्दे पर क्या रुख रखना है।
‘आरक्षण के खिलाफ हैं तो पद छोड़ें’
RJD नेता ने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि किसी नेता को आरक्षण व्यवस्था से आपत्ति है, तो उसे अपने पद से इस्तीफा देकर सामान्य सीट से चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करनी चाहिए।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि आरक्षण का लाभ लेकर सत्ता तक पहुंचे कुछ नेता अब उसी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने इसे अपने-अपने राजनीतिक हितों से जोड़ते हुए NDA नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाया।
2015 के विवाद का भी किया जिक्र
आरक्षण की मौजूदा बहस के बीच तेजस्वी यादव ने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने उस समय RSS प्रमुख मोहन भागवत की ओर से आरक्षण की समीक्षा को लेकर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनाव में बिहार की जनता ने अपना जवाब दिया था।
तेजस्वी ने BJP और RSS पर आरोप लगाया कि आरक्षण को लेकर उनकी मंशा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस बयान के साथ सामने नहीं आई है।
NDA की अंदरूनी बयानबाजी को बताया रणनीति
तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और संतोष सुमन के बीच आरक्षण को लेकर चल रही बयानबाजी को BJP की रणनीति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे विवाद के जरिए राजनीतिक माहौल को परखा जा रहा है और जनता की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरक्षण सामाजिक न्याय से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसे लेकर किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।
बिहार में और तेज हुई आरक्षण की सियासत
तेजस्वी यादव के बयान के बाद बिहार में आरक्षण का मुद्दा और राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। एक ओर NDA के भीतर आरक्षण में वर्गीकरण और कोटे में कोटा जैसे मुद्दों पर अलग-अलग राय सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे BJP और उसके सहयोगी दलों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
अब देखना होगा कि आरक्षण को लेकर जारी यह राजनीतिक बहस NDA के भीतर किस दिशा में जाती है और आने वाले दिनों में चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और अन्य नेताओं की ओर से तेजस्वी यादव के बयान पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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