Last updated: September 1st, 2026 at 02:52 pm

उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद के क्षेत्र में एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। राज्य ने Government e-Marketplace यानी GeM के माध्यम से अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद पूरी कर ली है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश के राज्यों में GeM के जरिए सबसे अधिक सरकारी खरीद करने वाले राज्यों में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की डिजिटल खरीद व्यवस्था और सरकारी विभागों में ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, वर्ष 2017 में GeM की शुरुआत के बाद से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़ी मात्रा में वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की है। कुल खरीद का आंकड़ा ₹1 लाख करोड़ पार करना राज्य की सरकारी खरीद व्यवस्था में डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका को दिखाता है।
GeM केंद्र सरकार द्वारा विकसित एक ऑनलाइन सार्वजनिक खरीद मंच है, जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों और संस्थानों को पारदर्शी तरीके से सामान और सेवाएं खरीदने की सुविधा देना है। इस प्लेटफॉर्म पर विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध हैं और सरकारी खरीदार ऑनलाइन तुलना तथा निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से खरीद कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि राज्य की खरीद देश के सभी राज्यों द्वारा GeM के माध्यम से की गई कुल खरीद का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बताई जा रही है। इसका मतलब है कि सरकारी खरीद के लिए डिजिटल माध्यम अपनाने के मामले में उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में काफी आगे निकल गया है।
राज्य को इसी क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। ये सम्मान डिजिटल सरकारी खरीद को बढ़ावा देने, GeM के प्रभावी इस्तेमाल और खरीद प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन से जुड़े हैं। सरकार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे राज्य की ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्रशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मजबूती मिलती है।
GeM के इस्तेमाल से सरकारी विभागों को पारंपरिक खरीद प्रक्रिया की तुलना में कई सुविधाएं मिलती हैं। अलग-अलग विक्रेताओं के उत्पादों और सेवाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने के कारण खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है। ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से खरीद से संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित रखना और लेनदेन की निगरानी करना भी आसान होता है।
इस डिजिटल व्यवस्था का लाभ छोटे और मध्यम कारोबारियों को भी मिल सकता है। GeM पर पंजीकृत विक्रेताओं को सरकारी संस्थानों के लिए अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिलता है। इससे सरकारी खरीद बाजार में अधिक विक्रेताओं की भागीदारी बढ़ाने की संभावना रहती है।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सरकारी खरीद का पैमाना काफी बड़ा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, नगर निकाय, ग्रामीण विकास, परिवहन और अन्य विभागों को लगातार अलग-अलग प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं की आवश्यकता होती है। इन जरूरतों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर खरीद प्रक्रिया को एक केंद्रीकृत प्रणाली के माध्यम से संचालित करना संभव होता है।
सरकार की ओर से इस उपलब्धि को राज्य में पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। हालांकि केवल खरीद का आंकड़ा बढ़ना पर्याप्त नहीं है। भविष्य में यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि खरीदी गई वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता अच्छी हो, सरकारी धन का प्रभावी इस्तेमाल हो और सभी प्रक्रियाओं का निर्धारित नियमों के अनुसार पालन किया जाए।
GeM के बढ़ते इस्तेमाल से सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए डिजिटल खरीद प्रणाली को समझना भी महत्वपूर्ण हो गया है। ऑनलाइन प्रक्रिया में सही उत्पाद का चयन, कीमत की तुलना, विक्रेता का मूल्यांकन और खरीद के बाद गुणवत्ता की निगरानी जैसे पहलू महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि ऐसे समय सामने आई है जब केंद्र और राज्य सरकारें सरकारी सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से डिजिटल बनाने पर जोर दे रही हैं। ऑनलाइन खरीद को बढ़ावा देने से सरकारी खरीद को अधिक व्यवस्थित बनाने और कागजी प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश ने Government e-Marketplace यानी GeM के जरिए सरकारी खरीद में ₹1 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। राज्य सरकार के अनुसार, 2017 से अब तक की खरीद देश के राज्यों द्वारा GeM पर की गई कुल खरीद का 30 प्रतिशत से अधिक है। उत्तर प्रदेश को डिजिटल सरकारी खरीद के क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं।
![]()
Comments are off for this post.