Human Live Media

HomeStateBiharबिहार में बाढ़ का बढ़ा खतरा, गंगा समेत कई नदियां उफान पर; पटना में प्रशासन अलर्ट

बिहार में बाढ़ का बढ़ा खतरा, गंगा समेत कई नदियां उफान पर; पटना में प्रशासन अलर्ट

पटना: बिहार में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा के बढ़ते पानी
Patna-Flood-1788449817321_v

पटना: बिहार में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा के बढ़ते पानी ने पटना समेत नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। कई घाट जलमग्न हो चुके हैं और राज्य के करीब 13 जिलों में बाढ़ का असर बताया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

Table of Contents

    गंगा के बढ़ते पानी से पटना में बढ़ी चिंता

    पटना में गांधी घाट समेत कई नदी घाटों पर पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वहीं मुंगेर में गंगा का जलस्तर 39.36 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन नदी किनारे के इलाकों पर विशेष नजर रख रहा है।

    DM ने संवेदनशील इलाकों का लिया जायजा

    बाढ़ के खतरे को देखते हुए पटना के डीएम कुंदन कुमार ने एसएसपी और नगर आयुक्त के साथ कई संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट और गोसाई टोला समेत कई स्थानों की स्थिति देखी।

    प्रशासन ने पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल से जुड़े 108 रास्तों को बंद करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा 13 स्लुईस गेट में लीकेज की समस्या को दूर करने का काम भी किया जा रहा है। ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को लगातार चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलभराव की स्थिति में पानी की निकासी की जा सके।

    कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ा

    गंगा के अलावा सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियों में भी पानी बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

    भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद समेत कई जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियान शुरू करने की तैयारी भी रखी गई है।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे हवाई सर्वेक्षण

    बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को पटना और आसपास के प्रभावित व संवेदनशील इलाकों का एरियल सर्वे करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक वह दोपहर 12:55 बजे हवाई निरीक्षण के जरिए स्थिति का जायजा लेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे आपदा प्रबंधन विभाग के साथ बैठक होगी। इसमें बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

    प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा

    गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ पटना के निचले इलाकों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की टीमें जल संसाधन विभाग और नगर निगम के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से नदी के किनारे जाने और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है। स्थिति पर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

    Loading

    Comments are off for this post.