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जंतर-मंतर मारपीट मामले में स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को उन्हें अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। भारद्वाज की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से की गई थी। यह कार्रवाई उस समय हुई जब मामले को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर दबाव लगातार बढ़ रहा था।

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    मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी। घटना के बाद मामले में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया। विवाद उस समय और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट या वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार पर हमला करने और उन्हें गंभीर चोट पहुंचाने की बात कही थी। हालांकि, बाद में भारद्वाज ने हमले को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया और आरोपों से अपना पक्ष अलग तरीके से रखा।

     

    वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। प्रदर्शन से जुड़े लोगों और समर्थकों ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में राजनीतिक नेताओं और सांसदों की मौजूदगी ने भी मामले को व्यापक चर्चा में ला दिया। पुलिस की ओर से गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बाद भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया गया और हिरासत में लिया गया।

     

    पुलिस के मुताबिक, भारद्वाज को बुलंदशहर इलाके से पकड़ा गया। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाया गया और शनिवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने मामले की जांच के लिए उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की अनुमति दी। अब पुलिस कथित हमले से जुड़े घटनाक्रम, वायरल वीडियो में किए गए दावों और मामले में सामने आए अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

     

    मामले में पुलिस ने मूल मारपीट की जांच के अलावा कुछ अन्य गंभीर कानूनी प्रावधान भी जोड़े हैं। रिपोर्टों के अनुसार, FIR में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके अलावा नाबालिग प्रदर्शनकारी की ओर से कथित ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न की शिकायत के आधार पर POCSO कानून के तहत अलग FIR भी दर्ज की गई है।

     

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। मामले में जिन राजनीतिक संबंधों का कथित तौर पर वीडियो में उल्लेख किया गया था, उन्हें लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। संबंधित राजनीतिक पक्षों ने किसी भी गलत तरीके से नाम या संबंध का इस्तेमाल किए जाने से दूरी बनाई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इससे मामला केवल एक कथित मारपीट की घटना तक सीमित न रहकर राजनीतिक जवाबदेही और सोशल मीडिया पर किए जाने वाले दावों का मुद्दा भी बन गया है।

     

    स्वतंत्र भारद्वाज पुलिस हिरासत में हैं और जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस अब कथित हमले की परिस्थितियों, वायरल वीडियो में किए गए दावों और नाबालिग से जुड़े अलग मामले समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अदालत में आगे की कार्रवाई और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

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