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दिल्ली में फर्जी जॉब कॉल सेंटर का पर्दाफाश, चार महिलाओं समेत पांच लोग पकड़े गए; नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप

दिल्ली पुलिस ने उत्तर दिल्ली में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं से कथित तौर पर ठगी करने वाले एक
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दिल्ली पुलिस ने उत्तर दिल्ली में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं से कथित तौर पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार महिलाओं समेत पांच लोगों को पकड़ा है। आरोप है कि यह गिरोह प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से पैसे वसूलता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने डेटा एंट्री ऑपरेटर, डेटा एनालिस्ट, वेब डिजाइनर और अकाउंटेंट जैसी नौकरियों के नाम पर उम्मीदवारों को अपने जाल में फंसाया।

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    पुलिस के मुताबिक, उत्तर जिले की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड को 1 सितंबर को इस कथित फर्जी कॉल सेंटर के बारे में जानकारी मिली थी। यह सेंटर वजीराबाद के झरोड़ा माजरा इलाके में संचालित होने की जानकारी सामने आई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यहां बेरोजगार लोगों को अलग-अलग कंपनियों में नौकरी दिलाने का दावा करके उनसे संपर्क किया जाता था। पुलिस ने जानकारी की जांच के बाद कार्रवाई शुरू की और पांच लोगों को हिरासत में लिया।

    जांच में सामने आया कि आरोपी नौकरी की तलाश करने वाले उम्मीदवारों का डेटा एक ऑनलाइन जॉब सर्च प्लेटफॉर्म से हासिल करते थे। इस प्लेटफॉर्म पर नौकरी के लिए पंजीकरण कराने और विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की जानकारी का इस्तेमाल कथित तौर पर उन्हें फोन करने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह खास तौर पर ऑटोमोबाइल कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निशाना बनाता था।

    पुलिस ने बताया कि आरोपी फोन पर खुद को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े प्रतिनिधि के तौर पर पेश करते थे। उम्मीदवारों को प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी मिलने की उम्मीद दिखाई जाती थी। शुरुआत में उनसे केवल 499 रुपये की राशि कूरियर चार्ज के नाम पर जमा करने को कहा जाता था। इसके बाद कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से उनसे और रकम की मांग की जाती थी। इस तरह छोटी रकम से शुरुआत कर उम्मीदवारों से बार-बार भुगतान कराने का तरीका अपनाया जाता था।

    पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का तरीका काफी व्यवस्थित था। नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं की जानकारी पहले हासिल की जाती थी और फिर उन्हें फोन करके नौकरी का प्रस्ताव दिया जाता था। बातचीत के दौरान आरोपियों द्वारा कंपनी और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी देने की कोशिश की जाती थी, ताकि उम्मीदवारों को यह विश्वास हो सके कि उनसे वास्तविक भर्ती एजेंट संपर्क कर रहे हैं। इसके बाद उनसे भर्ती से संबंधित अलग-अलग शुल्क के नाम पर भुगतान कराया जाता था।

    जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कथित कॉल सेंटर से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जानकारी के आधार पर कुछ संदिग्धों को पकड़ने के बाद पूछताछ की गई और उससे मिली जानकारी के आधार पर दो और लोगों को हिरासत में लिया गया। मामले में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका और उनके द्वारा कथित तौर पर ठगे गए लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब नौकरी की तलाश करने वाले युवाओं को ऑनलाइन भर्ती के नाम पर होने वाली ठगी से लगातार सावधान रहने की जरूरत है। साइबर अपराधी अक्सर वास्तविक जॉब पोर्टल से उम्मीदवारों की जानकारी हासिल करके उन्हें फोन करते हैं और किसी बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने का दावा करते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज सत्यापन, कूरियर, सिक्योरिटी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।

    पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी नौकरी के लिए आवेदन करते समय कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया की पुष्टि करें। केवल फोन पर मिले ऑफर या किसी अज्ञात व्यक्ति के दावे पर भरोसा करके पैसे जमा नहीं करने चाहिए। खास तौर पर ऐसी नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहना चाहिए जिनमें चयन से पहले बार-बार भुगतान करने के लिए कहा जाए।

    पुलिस फर्जी कॉल सेंटर के नेटवर्क, आरोपियों के संपर्कों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने कितने उम्मीदवारों को अपना निशाना बनाया और उनसे कुल कितनी रकम वसूली गई। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नौकरी ठगी नेटवर्क से जुड़े और लोगों के सामने आने की संभावना है।

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