Last updated: September 11th, 2026 at 10:03 am

नई दिल्ली: 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान शुक्रवार को तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। भारत यात्रा से पहले उन्होंने BRICS की भूमिका, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में एकतरफा दबदबे को कम करने की जरूरत पर जोर दिया।
पेजेश्कियान ने कहा कि BRICS के पास आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बड़ी क्षमता है। उन्होंने समूह को एकतरफा नीतियों का मुकाबला करने और देशों को अपनी स्वतंत्रता बनाए रखते हुए आर्थिक संबंध मजबूत करने का मंच बताया।
डॉलर पर निर्भरता कम करने की बात
ईरानी राष्ट्रपति ने वित्तीय सहयोग के मुद्दे पर BRICS बैंक और सदस्य देशों के बीच संयुक्त निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि देशों को आर्थिक और क्षेत्रीय विकास के लिए डॉलर पर निर्भरता कम करने के प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने बड़ी ताकतों के एकतरफा फैसलों और दबाव का विरोध करने की बात भी कही। उनके मुताबिक, वैश्विक अर्थव्यवस्था लगातार जटिल हो रही है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में किसी एक शक्ति के अत्यधिक प्रभाव से निपटने के लिए नए तरीकों की जरूरत है।
भारत के साथ रिश्तों को लेकर कही बड़ी बात
पेजेश्कियान ने भारत और ईरान के पुराने संबंधों तथा साझा सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने BRICS में भारत, चीन, रूस, ब्राजील समेत अन्य देशों की भागीदारी को द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, सदस्य देशों के बीच इनोवेशन और सहयोग को मजबूत करने से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में एकतरफा प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
![]()
Comments are off for this post.