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यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ा मानदेय, अब हर महीने ₹12 हजार; सहायिकाओं को भी मिलेगा फायदा

उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी
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उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब हर महीने कुल ₹12,000 मानदेय मिलेगा। सहायिकाओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला राज्य में बड़ी संख्या में काम कर रही आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

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    सरकार के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय पहले ₹8,000 प्रतिमाह था, जिसे बढ़ाकर ₹12,000 किया गया है। वहीं सहायिकाओं के लिए मानदेय को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 किए जाने की जानकारी सरकारी प्रसार माध्यम और अन्य रिपोर्टों में दी गई है। इस बदलाव से राज्य की बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

     

    आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इन केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी, गर्भवती महिलाओं और माताओं से जुड़ी सेवाओं तथा शुरुआती बाल विकास से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकारी पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

     

    मानदेय बढ़ाने के फैसले का असर आंगनबाड़ी कर्मियों की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से मानदेय बढ़ाने की मांग की जाती रही है। सरकार का ताजा फैसला उनकी जिम्मेदारियों और जमीनी स्तर पर किए जाने वाले काम को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

     

    मानदेय बढ़ोतरी के साथ सरकार ने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी सुविधा भी घोषित की है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गंभीर बीमारी या अस्पताल में इलाज की स्थिति में परिवार पर आने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है।

     

    इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सालाना तीन साड़ियां देने की भी घोषणा की गई है। यह सुविधा उनके कार्यस्थल और आधिकारिक गतिविधियों के दौरान उपयोग के लिए होगी। सरकार की ओर से इन फैसलों को आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।

     

    उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी व्यवस्था काफी व्यापक है। रिपोर्टों के अनुसार राज्य में करीब 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं हैं। इसके अलावा हाल के समय में नई नियुक्तियां भी की गई हैं। इतने बड़े कार्यबल के मानदेय में बदलाव का राज्य के बजट पर भी प्रभाव पड़ेगा, लेकिन सरकार का जोर पोषण और बाल विकास सेवाओं को मजबूत करने पर है।

     

    इस फैसले का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की कई योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में मदद करती हैं। बच्चों के पोषण की स्थिति की जानकारी जुटाने, परिवारों को जागरूक करने और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करने जैसे काम भी उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा होते हैं। ऐसे में मानदेय बढ़ने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने और सेवाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

     

    हालांकि बढ़े हुए मानदेय का भुगतान कब से और किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, इससे जुड़े विस्तृत प्रशासनिक निर्देशों को लेकर संबंधित आदेशों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी। सरकार ने मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी करने की दिशा में कार्रवाई की है।

     

    उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए आर्थिक तथा सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ₹12,000 मासिक मानदेय, स्वास्थ्य कवर और अतिरिक्त सुविधाओं से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। अब इस फैसले का वास्तविक लाभ सभी पात्र कर्मियों तक समय पर पहुंचाना और आंगनबाड़ी सेवाओं को और प्रभावी बनाना सरकार के सामने अगली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

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