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जमुई कांड के नंदन-हरेराम की पूरी कहानी, गांव में क्या बोले लोग; बालू और शराब के कारोबार से जुड़ा नाम

जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से सड़क पर बदसलूकी और उसका वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस
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जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से सड़क पर बदसलूकी और उसका वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन के पैर में गोली लगी, जबकि हरेराम का पैर फ्रैक्चर हुआ। दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को पकड़ने के लिए बनाई गई टीम ने प्रतापपुर गांव के आसपास कार्रवाई की थी।

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    इस मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने बताया है कि मामले से जुड़े दो केस में आठ आरोपियों को पकड़ा गया है, जिनमें घटना में शामिल आरोपी और वीडियो वायरल करने वाले लोग भी शामिल हैं।

    प्रतापपुर गांव में नंदन और हरेराम को लेकर क्या चर्चा है?

    जमुई जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर प्रतापपुर गांव में घटना के बाद नंदन और हरेराम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे के करीबी दोस्त थे और अक्सर साथ रहते थे।

    स्थानीय लोगों ने दावा किया कि दोनों शराब और गांजा के नशे में रहते थे। हालांकि, ग्रामीणों से बातचीत में यह भी सामने आया कि घटना से पहले गांव में दोनों के खिलाफ इस तरह की छेड़खानी की कोई चर्चा नहीं थी। पुलिस ने भी पुष्टि की है कि दोनों आरोपी शराब और अवैध बालू के कारोबार से जुड़े रहे हैं। पुलिस फिलहाल उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

    नंदन के परिवार को लेकर ग्रामीणों ने क्या बताया?

    ग्रामीणों के अनुसार, नंदन की मां ने करीब एक साल पहले उसकी गतिविधियों को देखते हुए उसे झारखंड भेज दिया था। वहां वह कोयला लदे ट्रक में खलासी का काम करता था और उसकी कमाई से परिवार का खर्च चलता था।

    रोपाई के मौसम में वह अगस्त में वापस गांव आया था। उसके पिता गनौरी यादव को लेकर पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों में अलग-अलग दावे हैं। स्रोत में बताया गया है कि उनके खिलाफ हत्या, अवैध बालू खनन और शराब तस्करी से जुड़े मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार बताए जाते हैं। इन दावों की पुलिस जांच जारी है। नंदन के घर पर घटना के बाद ताला लगा मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, घर में उसकी मां और बहन रहती हैं और पुलिस उनसे पूछताछ कर चुकी है।

    हरेराम का परिवार और ट्रैक्टर का भी जिक्र

    हरेराम के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि उसके पिता किसान हैं, जबकि उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है। उसका बड़ा भाई सेना में जवान है। हरेराम के पास अपना ट्रैक्टर भी है, जिसे वह गांव में चलाता था।

    पुलिस के मुताबिक, हरेराम के खिलाफ बालू चोरी से जुड़ा मामला दर्ज है और उसका ट्रैक्टर पुलिस ने जब्त किया था। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि वह पहले शराब तस्करी से जुड़े मामलों में जेल जा चुका है। इन दावों की पुष्टि से जुड़ी पुलिस जांच जारी है।

    घटना वाले दिन क्या हुआ था?

    पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर की शाम एक नाबालिग छात्र-छात्रा स्कूटी से मड़वा पहाड़ी की ओर गए थे। लौटते समय कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। छात्र के साथ मारपीट और छात्रा के साथ अभद्रता की गई। घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और एसआईटी का गठन किया।

    जांच के दौरान पुलिस ने नंदन और हरेराम तक पहुंच बनाई। पुलिस के अनुसार, दोनों को पकड़ने के लिए प्रतापपुर के आसपास घेराबंदी की गई। हरेराम भागने के दौरान गिर गया और उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद पुलिस ने नंदन को भी तलाश लिया। पुलिस का दावा है कि नंदन ने फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।

    ग्रामीणों ने वीडियो को लेकर क्या कहा?

    स्थानीय युवक सनी कुमार ने बताया कि उसे सोमवार दोपहर अपने एक दोस्त से वीडियो के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो देखा। उसने कहा कि किसी लड़के और लड़की के रिश्ते या उनके वहां मौजूद होने की वजह चाहे जो हो, किसी को भी उनके साथ बदसलूकी करने का अधिकार नहीं है।

    वहीं, गांव के कुछ लोगों ने घटना की निंदा की। एक ग्रामीण ने कहा कि नंदन और हरेराम ने जो किया, वह गलत था। दूसरी ओर, कुछ ग्रामीणों ने छात्र-छात्रा के देर शाम पहाड़ी इलाके में मौजूद होने को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, किसी भी परिस्थिति में छात्रा के साथ बदसलूकी को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    जमुई मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पुलिस ने पहले ही सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने और पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों को लेकर चेतावनी दी थी। मामले की जांच एसआईटी कर रही है और पुलिस के मुताबिक आगे पूछताछ के आधार पर और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

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