Last updated: September 23rd, 2026 at 01:42 pm

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार इन सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, उनमें नौ सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। एक सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है। यह सीट पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
इन सीटों पर वर्तमान में अलग-अलग राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व है। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार आठ सीटें भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों के पास हैं, जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी और एक सीट बहुजन समाज पार्टी के पास है। आने वाले चुनाव में इन्हीं रिक्तियों के लिए नई चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राज्यसभा के चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किए जाते। इसमें संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल संक्रमणीय मत पद्धति से होता है। उम्मीदवारों के लिए विधायकों के मतों का एक निर्धारित कोटा पूरा करना जरूरी होता है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की मौजूदा संख्या और विभिन्न दलों के विधायकों की संख्या के कारण राज्यसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के लिए अपने उम्मीदवारों के समर्थन का गणित महत्वपूर्ण रहेगा। हालांकि अंतिम परिणाम उम्मीदवारों की संख्या, नामांकन, वापसी और मतदान के दौरान विधायकों द्वारा डाले गए वैध मतों पर निर्भर करेगा।
इस चुनाव में राज्यसभा के मौजूदा सदस्यों में अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, राम गोपाल यादव, रामजी, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी, दिनेश शर्मा और हरदीप सिंह पुरी की सीटें चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी हैं। इनमें दिनेश शर्मा की सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है।
राज्यसभा चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया है। इन सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। विधान परिषद की ये सीटें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित हैं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवारों के नाम तय करने होंगे। उम्मीदवारों के नामांकन के बाद उनकी पात्रता और नामांकन पत्रों की जांच निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की जाएगी। नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर होने के बाद चुनाव मैदान में मौजूद उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के साथ-साथ उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट और पश्चिम बंगाल की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव भी 16 अक्टूबर को कराया जाएगा। यानी 16 अक्टूबर को देश के तीन राज्यों से संबंधित कुल 12 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान की प्रक्रिया होगी।
उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से मतदान की निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी। इसके बाद निर्वाचित उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होगी और 19 अक्टूबर तक चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
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