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आजमगढ़ में पूजा के दौरान खूनी वारदात, पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद बेटे की भी मौत; आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया

  उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद कुछ ही
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    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद कुछ ही घंटों में बड़ी वारदात में बदल गया। पुलिस के अनुसार अरविंद सिंह नाम के व्यक्ति ने घर में मौजूद अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पुजारियों पर गोली चला दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी अपने बच्चों को लेकर घर के अंदर बंद हो गया और पुलिस के साथ करीब सात से आठ घंटे तक गतिरोध चला।

    घटना अहिरौला थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार अरविंद की पत्नी बबीता सिंह के घर पर कई दिनों से धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। पूजा के लिए महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा नाम के दो पुजारी वहां पहुंचे थे। मंगलवार शाम अरविंद के घर लौटने के बाद किसी बात को लेकर विवाद हुआ। शुरुआती रिपोर्टों में विवाद की वजह पुजारियों से पहचान संबंधी दस्तावेज मांगना बताई गई है। हालांकि घटना की पूरी वजह पुलिस जांच में स्पष्ट होनी बाकी है।

    विवाद बढ़ने के बाद गोलीबारी हुई। पुलिस के अनुसार अरविंद ने अपनी पत्नी और दोनों पुजारियों को गोली मार दी। मृतकों में बबीता सिंह के अलावा करीब 60 वर्षीय महेंद्र पाठक और करीब 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा शामिल बताए गए हैं। घटना के बाद आरोपी ने घर के अंदर खुद को अपने तीन बच्चों के साथ बंद कर लिया। उसके पास लाइसेंसी रिवॉल्वर होने की जानकारी पुलिस ने दी।

    मामले की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और घर को चारों तरफ से घेर लिया गया। पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता अंदर मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। अधिकारियों ने आरोपी से बातचीत शुरू की और उसे हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने के लिए समझाने की कोशिश की। कई घंटों तक पुलिस ने बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

    लगभग सात घंटे तक चले गतिरोध के दौरान पुलिस लगातार आरोपी से संपर्क करने की कोशिश करती रही। लेकिन स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब घर के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस और कमांडो टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार घर में प्रवेश के लिए स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

    पुलिस के मुताबिक अंदर पहुंचने के बाद आरोपी ने सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अरविंद सिंह को गोली लगी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से कथित तौर पर इस्तेमाल की गई रिवॉल्वर भी बरामद की है। घटना को लेकर पुलिस की ओर से अलग FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    ऑपरेशन के दौरान आरोपी का एक बेटा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। वहीं घर में मौजूद दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। शुरुआती रिपोर्टों में इन बच्चों की उम्र अलग-अलग बताई गई है। उन्हें अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।

    बाद में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बेटे की मौत को लेकर अतिरिक्त जानकारी दी। 24 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार पोस्टमार्टम में बच्चे के शरीर में गोली के निशान पाए गए और जांच में यह सामने आने की बात कही गई कि गोली आरोपी की रिवॉल्वर से चली थी। इस पहलू की जांच भी मामले की पूरी तस्वीर समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

    घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घर तथा आसपास के इलाके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब गोलीबारी की पूरी घटनाक्रम, हथियार के इस्तेमाल, मृतकों की स्थिति और आरोपी तथा परिवार के बीच हुए विवाद की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात से पहले घर में क्या हुआ था और विवाद किस वजह से इतना बढ़ गया।

    घटना के कारण गांव में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और इलाके में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई ताकि घटना के बाद किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

    पूरे मामले में एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान शुरू हुआ विवाद कुछ ही समय में कई लोगों की मौत और बच्चों के बंधक बनाए जाने की स्थिति तक पहुंच गया। पुलिस ऑपरेशन के बाद आरोपी और उसके बेटे समेत कुल पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। अब जांच का मुख्य फोकस वारदात के क्रम, गोलीबारी की परिस्थितियों और घटना के पीछे के कारणों को स्पष्ट करने पर है।

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