Last updated: September 25th, 2026 at 10:42 am

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को एक और अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने 24 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए परिषद को अधिक प्रतिनिधित्व वाला बनाया जाना चाहिए।
भारत के साथ अफ्रीका और ब्राजील को भी स्थायी सीट देने की वकालत
लुइस मोंटेनेग्रो ने सुरक्षा परिषद में अफ्रीका, ब्राजील और भारत के लिए स्थायी सीटों का समर्थन किया। पुर्तगाली प्रधानमंत्री के मुताबिक, दुनिया में हुए बदलावों को देखते हुए UNSC की संरचना में भी बदलाव जरूरी है, ताकि यह संस्था अधिक प्रतिनिधित्व वाली, प्रभावी और तेजी से काम करने वाली बन सके।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को अधिक सक्षम बनाने और शांति अभियानों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी जोर दिया। मोंटेनेग्रो ने सुरक्षा परिषद को अधिक पारदर्शी, प्रतिनिधित्व वाला और लोकतांत्रिक बनाने की बात कही।
अभी UNSC में 5 स्थायी सदस्य
फिलहाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें 5 स्थायी सदस्य—अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन—हैं। इन पांचों देशों के पास वीटो पावर है। इसके अलावा 10 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं, जिनका कार्यकाल दो साल का होता है।
भारत अभी UNSC का स्थायी सदस्य नहीं है, हालांकि वह कई बार परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता की मांग कर चुका है। भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान G4 के तहत भी सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन जुटाते रहे हैं।
पुर्तगाल पहले भी कर चुका है भारत का समर्थन
भारत की स्थायी सदस्यता के मुद्दे पर पुर्तगाल का समर्थन नया नहीं है। पुर्तगाल की सरकार पहले भी सुरक्षा परिषद में सुधार और भारत को स्थायी सीट देने के पक्ष में अपनी स्थिति रख चुकी है। 2026 में मोंटेनेग्रो ने एक बार फिर भारत और ब्राजील के साथ अफ्रीका को स्थायी प्रतिनिधित्व देने की बात कही है।
हालांकि, किसी देश का समर्थन अपने आप में UNSC की स्थायी सदस्यता में बदलाव नहीं करता। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में बदलाव समेत व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और निर्धारित प्रक्रिया की जरूरत होती है।
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