Last updated: September 25th, 2026 at 10:53 am

बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा से जुड़ा प्रश्नपत्र सुरक्षा मामला अब एक और FIR तक पहुंच गया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पटना के खगौल स्थित बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र से दो प्रश्नपुस्तिकाओं के गायब होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई अभ्यर्थी बबीता कुमारी की शिकायत और पूछताछ के बाद की गई है।
EOU की विशेष जांच टीम (SIT) को जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रश्नपत्र की सील खोलकर दो प्रश्नपुस्तिकाएं निकाल ली थीं। एजेंसी को आशंका है कि इन्हें किसी सॉल्वर गैंग तक पहुंचाने और इसके बदले पैसे लेने की कोशिश की गई हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में जांच अभी जारी है।
कमरे में मिलीं दो खुली सील वाली प्रश्नपुस्तिकाएं
पूछताछ में अभ्यर्थी बबीता कुमारी ने बताया कि खगौल परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर 10 में परीक्षा शुरू होने से पहले दो प्रश्नपुस्तिकाओं की पेपर सील खुली हुई मिली थी। इस कमरे में 48 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन दो अभ्यर्थी अनुपस्थित थे।
प्रश्नपुस्तिकाओं की स्थिति को लेकर परीक्षा कक्ष में मौजूद अभ्यर्थियों के बीच हंगामा शुरू हो गया। स्थिति संभालने के लिए केंद्र प्रशासन ने अनुपस्थित अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित प्रश्नपुस्तिकाएं उपलब्ध कराईं। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए और विरोध जताया।
केंद्राधीक्षक ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि यदि प्रश्नपुस्तिकाओं को लेकर कोई वास्तविक गड़बड़ी सामने आती है तो बाद में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद बबीता कुमारी ने मामले की शिकायत की।
22514351 और 22514352 नंबर की बुकलेट पर जांच
शिकायत के बाद EOU की SIT ने परीक्षा केंद्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की। जांच में प्रश्नपुस्तिका संख्या 22514351 और 22514352 की पेपर सील खुली मिलने की बात सामने आई।
जांच टीम ने केंद्राधीक्षक मेहरे दरख्वशां और वीक्षक विनोद कुमार से भी पूछताछ की। EOU ने परीक्षा केंद्र से उपलब्ध फुटेज, अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है।
सॉल्वर गैंग से कनेक्शन की भी जांच
अब EOU यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपुस्तिकाओं तक किसकी पहुंच बनी थी। सील खुलने के बाद दोनों प्रश्नपुस्तिकाएं कहां गईं और क्या इन्हें किसी सॉल्वर गैंग या अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।
मामले में EOU ने बिहार लोक परीक्षा अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी EOU के ASP कुमार इंद्रप्रकाश को दी गई है।
आठ सदस्यीय SIT कर रही जांच
मामले की जांच के लिए SP (प्रशासन) राजेश कुमार के नेतृत्व में आठ सदस्यीय SIT गठित की गई है। टीम अब उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर उस अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है, जिसने कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सील खोली।
गौरतलब है कि बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा मुख्य परीक्षा से पहले भी प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने का मामला सामने आया था। EOU की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द की गई थी। अब खगौल केंद्र से दो प्रश्नपुस्तिकाओं के गायब होने पर दर्ज हुई नई FIR ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।
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