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जम्मू-कश्मीर के ITI संस्थानों को मिलेंगे ₹475.41 करोड़, उमर अब्दुल्ला ने PM मोदी का जताया आभार

जम्मू-कश्मीर में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
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जम्मू-कश्मीर में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी का आभार जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) योजना के तहत प्रदेश के ITI क्लस्टर्स के लिए ₹475.41 करोड़ की रणनीतिक निवेश योजनाओं को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया।

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    इस निवेश का उद्देश्य जम्मू और श्रीनगर के प्रमुख इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) क्लस्टर्स को आधुनिक बनाना और युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

     जम्मू ITI क्लस्टर पर खर्च होंगे ₹240 करोड़

    योजना के तहत जम्मू ITI क्लस्टर को ₹240 करोड़ के निवेश से अपग्रेड किया जाएगा। इसमें ITI जम्मू को मुख्य केंद्र यानी ‘हब’ बनाया जाएगा। वहीं, आरएस पुरा, नौशेरा, सांबा और कठुआ के ITI सहायक केंद्रों यानी ‘स्पोक्स’ के रूप में काम करेंगे।

    इस व्यवस्था के जरिए मुख्य संस्थान और उससे जुड़े ITI केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने और कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

     श्रीनगर क्लस्टर के लिए ₹235.41 करोड़ मंजूर

    श्रीनगर ITI क्लस्टर को आधुनिक बनाने के लिए ₹235.41 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इस क्लस्टर में ITI श्रीनगर मुख्य केंद्र होगा, जबकि गांदरबल, कंगन, बडगाम और चरार-ए-शरीफ के ITI सहायक केंद्रों के तौर पर काम करेंगे।

    दोनों क्लस्टर्स को मिलाकर कुल ₹475.41 करोड़ की निवेश योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसका मकसद व्यावसायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना और युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल उपलब्ध कराना है।

     उद्योगों की जरूरत के हिसाब से मिलेगा प्रशिक्षण

    यह पहल ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल पर आधारित होगी। इसके तहत ITI में प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा और नए दौर की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की बदलती मांग और स्थानीय के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर जरूरी कौशल के अनुरूप तैयार करने पर जोर रहेगा।

    मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस पहल से उद्योगों के साथ ITI का जुड़ाव मजबूत होगा और परिणाम-आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इससे जम्मू-कश्मीर के युवाओं को उद्योगों में काम करने के लिए जरूरी कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी।

     युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर

    उमर अब्दुल्ला के मुताबिक, निवेश से ITI संस्थानों को आधुनिक कौशल विकास केंद्रों में बदलने में मदद मिलेगी। इससे युवाओं को बदलती आर्थिक परिस्थितियों और रोजगार बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण मिल सकेगा।

    सरकार की इस पहल का उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा को रोजगार से जोड़ना, युवाओं की कार्यक्षमता बढ़ाना और उनके लिए आजीविका के बेहतर अवसर तैयार करना है।

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