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जेल से रिहाई के बाद CJP नेताओं की बढ़ीं मुश्किलें, आज SEM कोर्ट में पेश होंगे तीनों

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे की मुश्किलें जेल से रिहा होने के
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे की मुश्किलें जेल से रिहा होने के बाद भी कम नहीं हुई हैं। शुक्रवार को तीनों को दिल्ली की विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत में पेश होना है। अदालत के पिछले आदेश के मुताबिक, उन्हें दोपहर 3 बजे पेश होना है। वहीं, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों में उनसे पूछताछ करना चाहती है।

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    क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को तीनों को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। शुक्रवार को उन्हें नया नोटिस जारी नहीं किया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच पूछताछ के लिए आने को कहा है।

    तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद पूछताछ की तैयारी

    सौरव दास और आशुतोष रांका को 21 अक्टूबर 2026 को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने दोनों को नोटिस जारी कर 22 अक्टूबर को राजौरी गार्डन स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। CJP के एक अन्य सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था।

    यह जांच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल को अधिसूचित सूची से हटाए जाने के बाद कथित तौर पर वहां प्रवेश करने, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने समेत अन्य आरोपों से संबंधित है।

    13 अक्टूबर को हिरासत में लिए गए थे सौरव और आशुतोष

    पुलिस के आरोपों के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को बैरिकेड से घिरे प्रदर्शन स्थल के गेट पर चढ़ने के मामले में हिरासत में लिया गया था। 14 अक्टूबर को दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसके बाद 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई।

    21 अक्टूबर को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यवाही कर रहीं सहायक पुलिस आयुक्त ऋतु राज ने जमानत की शर्तें और जमानतदार स्वीकार करते हुए दोनों की रिहाई का आदेश दिया। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देकर न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत से रिहाई का आदेश जारी हुआ।

    जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े दो मामले क्राइम ब्रांच को सौंपे

    दिल्ली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए CJP नेताओं से जुड़े दोनों मामलों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। यह फैसला नेताओं को पूछताछ के लिए बुलाए जाने से एक दिन पहले लिया गया था।

    दोनों प्राथमिकी 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस और संसद मार्ग पुलिस थानों में दर्ज की गई थीं। आरोप है कि CJP के 14 सदस्य निजी परिसर के रास्ते प्रदर्शन स्थल में दाखिल हुए और वहां तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली।

    दोनों FIR में क्या हैं आरोप?

    कनॉट प्लेस थाने में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(ए) के तहत लोक सेवक के विधिवत जारी आदेश की अवहेलना, धारा 332 के तहत अपराध करने के इरादे से गृह-अतिचार और धारा 61(2) के तहत आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं।

    वहीं, संसद मार्ग थाने में दर्ज प्राथमिकी में लोक सेवक के सरकारी काम में बाधा डालने, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, सरकारी काम से रोकने के लिए लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने और सरकारी कर्तव्य में बाधा डालने के इरादे से चोट पहुंचाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी में साझा मंशा से किए गए कृत्य से संबंधित प्रावधान भी शामिल है।

    शांति बनाए रखने के बांड से भी जुड़ा मामला

    सौरव दास और आशुतोष रांका को पहले शांति बनाए रखने के लिए हस्ताक्षरित बांड की कथित अवहेलना के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दूसरी ओर, अजिंक्य शिंदे को शांति बांड पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा कर दिया गया था। अब तीनों की SEM अदालत में पेशी और क्राइम ब्रांच की पूछताछ पर नजर रहेगी।

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