Last updated: October 24th, 2026 at 12:31 pm

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि वे इसी तारीख पर रैली आयोजित करने की जिद क्यों कर रहे हैं, जबकि 1 नवंबर का दिन 1984 के सिख नरसंहार की यादों से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दिन बड़े आयोजन से सिख समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
रविशंकर प्रसाद ने यह भी दावा किया कि विपक्षी गठबंधन INDIA के कई सहयोगी दल रैली की तारीख से सहमत नहीं थे और उन्होंने कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया था। हालांकि, सहयोगी दलों की नाराजगी को लेकर ये दावे भाजपा नेता ने किए हैं।
‘सिख समुदाय के जख्मों पर नमक क्यों छिड़कना चाहते हैं राहुल गांधी?’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली की तारीख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर सिख समुदाय के लिए बेहद संवेदनशील दिन है, क्योंकि 1984 के सिख नरसंहार की यादें आज भी लोगों से जुड़ी हैं।
भाजपा नेता ने सवाल किया कि राहुल गांधी इसी दिन रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करके क्या संदेश देना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को तारीख तय करते समय सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए था।
रविशंकर प्रसाद ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन के कुछ सहयोगी भी इस तारीख को लेकर असहज थे। उन्होंने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह अपनी बात पर अड़े रहते हैं और दूसरे नेताओं की राय को पर्याप्त महत्व नहीं देते।
सहयोगी दलों की बैठक और तारीख बदलने का दावा
रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, 22 अक्टूबर को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए ऑनलाइन बैठक बुलाए जाने की जानकारी मिली थी। उन्होंने दावा किया कि कई सहयोगी दलों के शामिल नहीं होने के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि गठबंधन के कुछ सहयोगियों ने 1 नवंबर की तारीख पर आपत्ति जताई थी और रैली बाद में आयोजित करने का सुझाव दिया था। हालांकि, इन दावों पर संबंधित विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
इस मुद्दे ने कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है। भाजपा जहां रैली की तारीख को लेकर कांग्रेस को घेर रही है, वहीं कांग्रेस का प्रस्तावित कार्यक्रम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है।
दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए जारी किया NOC
इस राजनीतिक विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी कर दिया है। पुलिस के अनुसार, कांग्रेस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अनुमति संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के उद्देश्य से संपर्क किया था।
मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर रैली के आयोजन के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की अवधि के लिए NOC जारी की गई है।
पुलिस ने कहा कि कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोजकों, यातायात पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यातायात का प्रबंधन करना और आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराना है।
SIR विवाद पर कांग्रेस की मेगा रैली की तैयारी
कांग्रेस की यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA की संयुक्त कार्ययोजना का हिस्सा बताई जा रही है। 30 सितंबर को हुई गठबंधन की बैठक में SIR के मुद्दे पर संयुक्त रणनीति बनाने पर सहमति बनी थी।
इस रणनीति के तहत रैलियां आयोजित करने और ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ जैसे कार्यक्रमों की योजना बनाई गई थी। कांग्रेस की प्रस्तावित रैली का उद्देश्य इसी मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराना है।
फिलहाल, 1 नवंबर की रैली को लेकर भाजपा के आरोपों और तारीख पर उठे सवालों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कांग्रेस इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देती है और निर्धारित तारीख पर कार्यक्रम किस तरह आयोजित किया जाता है।
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