Last updated: November 4th, 2026 at 02:12 pm

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अवैध पटाखों के भंडारण के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। खोराबार थाना क्षेत्र में पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम की संयुक्त छापेमारी में एक मकान से 67 क्विंटल अवैध पटाखे बरामद किए गए। इस मामले में पुलिस ने मकान मालिक और पटाखा कारोबारी विजय कुमार जायसवाल को गिरफ्तार किया। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने बरामद पटाखों को अपने कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार देर रात खोराबार क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। उपनिरीक्षक कुसुमेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ रानीडीहा चौराहे पर वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान वहां एंटी थेफ्ट टीम के सदस्य भी पहुंचे। त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत के बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि खोराबार गांव निवासी विजय कुमार जायसवाल ने अपने मकान में बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे छिपाकर रखे हैं।
सूचना मिलने के बाद खोराबार पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने संयुक्त रूप से मकान पर छापा मारा। मुखबिर की निशानदेही पर मकान की तलाशी ली गई। इस दौरान वहां अलग-अलग प्रकार के पटाखे बरामद हुए। पुलिस ने कुल 67 क्विंटल पटाखों को जब्त कर लिया। मौके से मकान मालिक विजय कुमार जायसवाल को हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 5 और 9बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन धाराओं के अंतर्गत विस्फोटक सामग्री के संबंध में नियमों के उल्लंघन और आवश्यक कानूनी प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी से संबंधित जानकारी और पटाखों के भंडारण के संबंध में आवश्यक जांच भी शुरू की है।
हालांकि, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को देर रात मुचलके पर छोड़ दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद पटाखों को नष्ट करने के लिए उपजिलाधिकारी से अनुमति ली जाएगी। आदेश मिलने के बाद गड्ढा खोदकर पटाखों को भूमिगत तरीके से नष्ट कराया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
इस कार्रवाई में खोराबार पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम के कई सदस्य शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि त्योहारों के दौरान अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आवासीय इलाकों में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखने से आग लगने या विस्फोट होने की स्थिति में गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे मामलों में आसपास रहने वाले लोगों की जान और संपत्ति दोनों को खतरा पैदा हो सकता है।
गोरखपुर में हुई इस बरामदगी ने अवैध पटाखा कारोबार और उसके भंडारण से जुड़े सुरक्षा सवालों को फिर सामने ला दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे कहां से लाए गए थे और उनका इस्तेमाल या बिक्री किस उद्देश्य से की जानी थी। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि पटाखों के भंडारण से संबंधित आवश्यक अनुमति और दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।
पुलिस प्रशासन ने अवैध पटाखों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे भंडारण स्थलों की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
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