Last updated: November 4th, 2026 at 02:28 pm

दिल्लीवासियों के लिए पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है। राजधानी में बुधवार, 4 नवंबर से नमो यमुना रिवर सफारी की शुरुआत की जा रही है। पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार से जगतपुर स्थित शनि मंदिर घाट तक यमुना नदी में अब लोग क्रूज और फेरी की सवारी का आनंद ले सकेंगे। दिल्ली सरकार इस परियोजना को राजधानी के नए पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए यमुना किनारे के इलाके का सौंदर्यीकरण भी तेजी से कराया जा रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली में नदी पर्यटन को बढ़ावा देना और लोगों को परिवार के साथ घूमने के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध कराना है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले दिनों पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और संबंधित अधिकारियों के साथ परियोजना का निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री ने क्रूज में सफर करके इसकी सुविधाओं और तैयारियों का जायजा भी लिया था। सरकार ने छठ पर्व से पहले इस सेवा को शुरू करने की योजना बनाई थी।
नमो यमुना रिवर सफारी के तहत सोनिया विहार से जगतपुर तक लगभग पांच से छह किलोमीटर के जलमार्ग पर फेरी का संचालन किया जाएगा। इस यात्रा में लगभग 35 से 40 मिनट का समय लगने का अनुमान है। यात्रियों को यमुना नदी के किनारे का नजारा देखने और पानी के बीच क्रूज यात्रा का अनुभव मिलेगा। फेरी में एक बार में लगभग 30 से 40 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
इस सेवा के लिए प्रति व्यक्ति 500 रुपये किराया प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा सफारी परिसर में प्रवेश के लिए 50 रुपये का शुल्क रखा गया है। हालांकि, किराये में यात्रियों की प्रतिक्रिया और सेवा के संचालन के आधार पर बदलाव की संभावना भी जताई गई है। टिकट की ऑनलाइन बुकिंग दिल्ली पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
सरकार केवल क्रूज सेवा शुरू करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सोनिया विहार के आसपास पूरे इलाके को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यहां फूड पार्क, रेस्टोरेंट, खानपान की दुकानें, गेमिंग जोन और बच्चों के लिए किड्स जोन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा म्यूजिकल फाउंटेन और अन्य मनोरंजन गतिविधियों की भी योजना है।
यमुना किनारे पहले जिन स्थानों पर गंदगी और कूड़े की समस्या बनी रहती थी, वहां अब सफाई और सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है। रास्तों को बेहतर बनाया जा रहा है, दीवारों पर रंग-रोगन किया जा रहा है और पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि पर्यटक यहां पहुंचकर नदी के प्राकृतिक वातावरण के बीच अच्छा समय बिता सकें।
इस परियोजना से स्थानीय लोगों और कारोबारियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से आसपास चाय-नाश्ते की दुकानों, रेस्टोरेंट, स्थानीय परिवहन और पार्किंग जैसी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और छोटे कारोबारियों के लिए कमाई के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
यात्रियों की सुरक्षा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए फेरी में लाइफ जैकेट, अनाउंसमेंट सिस्टम और बायो टॉयलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। फेरी के संचालन में सुरक्षा नियमों और पर्यावरण संबंधी मानकों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। परियोजना में संबंधित केंद्रीय और दिल्ली सरकार की एजेंसियों के बीच समन्वय किया गया है।
हालांकि, इस पर्यटन परियोजना के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। सोनिया विहार तक पहुंचने वाले रास्तों पर पहले से यातायात का दबाव रहता है। शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के दौरान यहां जाम की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा यमुना नदी की स्वच्छता भी इस परियोजना की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। नदी में प्रदूषण की समस्या बनी रहने पर पर्यटन अनुभव और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
नमो यमुना रिवर सफारी को दिल्ली के पर्यटन क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि क्रूज सेवा, सुरक्षा व्यवस्था, सफाई और यातायात प्रबंधन बेहतर तरीके से संचालित होते हैं, तो सोनिया विहार और जगतपुर आने वाले समय में राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकते हैं।
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