Last updated: November 4th, 2026 at 02:36 pm

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद में घिर गए हैं। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार में अपराध की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का वीडियो साझा करते हुए उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 3 नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच समझौते से जुड़े कार्यक्रम में उन्होंने राज्य के विकास और चुनौतियों पर अपनी बात रखी। इसी दौरान बिहार में अपराध की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध का कॉन्सेप्ट खत्म हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “हमारे यहां कोई अपराध नहीं है। अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो चुका है। क्राइम हो सकते हैं, लेकिन अपराध नहीं, कोई अपराधी नहीं है।” उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। खासतौर पर हिंदी और अंग्रेजी में अपराध के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्दों को लेकर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।
मुख्यमंत्री के बयान पर सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री का वीडियो साझा किया और तीखा हमला बोला।
तेजस्वी यादव ने लिखा कि बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री के साथ मंच पर मौजूद IAS और IPS अधिकारी उनके साथ काम करने को सम्मान की बात मानते हैं या अपमान की।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर आरोपों का भी जिक्र किया। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद RJD नेताओं और समर्थकों ने भी मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर सवाल उठाए।
RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने भी मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अपराध और क्राइम का अर्थ मूल रूप से एक ही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह कहना कि बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं, समझ से परे है। विपक्ष ने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था पर सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच विरोधाभास बताते हुए निशाना साधा।
इस विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से भी मुख्यमंत्री के बयान को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने विवाद में सीधे शामिल होने से परहेज किया, लेकिन कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपराध नियंत्रण को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री अपने दावों के समर्थन में आंकड़े और तथ्य भी रखते होंगे।
दरअसल, बिहार में कानून-व्यवस्था लंबे समय से राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा रही है। विपक्ष लगातार हत्या, लूट, अपहरण और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार को घेरता रहा है। वहीं, सरकार की ओर से अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का हवाला दिया जाता है।
सम्राट चौधरी के इस बयान ने एक बार फिर राज्य में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री की टिप्पणी का आशय अपराध पर सरकार की सख्त कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति बताना था या फिर यह केवल भाषाई चूक थी, इस पर भी चर्चा हो रही है।
इस बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री इस विवाद पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं।
![]()
Comments are off for this post.