Last updated: November 5th, 2026 at 11:44 am

अमेरिका के मिशिगन राज्य में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद ने सीनेट चुनाव में जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर अमेरिकी सीनेट में जगह बनाई। इस जीत के साथ अल-सैयद अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं। वे 1969 के बाद सीनेट पहुंचने वाले पहले डेमोक्रेटिक डॉक्टर भी हैं।
जीत के बाद बोले- मिशिगन, हमने कर दिखाया
डेट्रॉइट स्थित अपने चुनाव मुख्यालय में समर्थकों को संबोधित करते हुए अल-सैयद ने कहा, “मिशिगन, हमने कर दिखाया!” उन्होंने राज्य के नवनिर्वाचित सीनेटर के रूप में चुने जाने को अपने लिए गर्व और सम्मान का क्षण बताया।
मिस्र से अमेरिका आए प्रवासी परिवार में जन्मे अल-सैयद का राजनीतिक सफर आसान नहीं रहा है। वे इससे पहले किसी निर्वाचित पद पर नहीं रहे। साल 2018 में उन्होंने मिशिगन के गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें दोहरे अंकों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
चुनाव प्रचार में स्वास्थ्य सेवाओं और राजनीतिक फंडिंग पर जोर
अल-सैयद के चुनाव अभियान में सभी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, राजनीति में बड़े धन के प्रभाव को कम करने और इजरायल की नीतियों की आलोचना जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
मतदान से पहले मतदाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति को भारी मेडिकल बिल की चिंता किए बिना डॉक्टर के पास जाने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव करने और आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने का संकल्प भी जताया।
चुनाव के आखिरी दौर में उनके सामने एक राजनीतिक चुनौती भी आई। डेमोक्रेटिक प्राइमरी में अल-सैयद से हारने वाली कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवंस ने मतदान से ठीक पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स का समर्थन करने की घोषणा कर दी थी। इसके बावजूद अल-सैयद जीत हासिल करने में सफल रहे।
मिशिगन से ऑक्सफोर्ड तक का सफर
अब्दुल अल-सैयद का जन्म और पालन-पोषण दक्षिण-पूर्वी मिशिगन में हुआ। उन्होंने स्थानीय पब्लिक स्कूलों से पढ़ाई की। उनके पिता मोहम्मद मिस्र से अमेरिका आए थे, जबकि उनकी सौतेली मां जैकी का परिवार 19वीं सदी से मिशिगन के ग्रैटियट काउंटी में रह रहा है।
अल-सैयद ने मिशिगन यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और वहां की वॉल्वरिन्स पुरुष लैक्रोस टीम का हिस्सा भी रहे। इसके बाद उन्होंने NIH-वित्तपोषित फेलोशिप के तहत कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल डिग्री हासिल की। वे रोड्स स्कॉलर भी रहे और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से दूसरी डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
अल-सैयद अपनी पत्नी सारा और दो बेटियों एमाली तथा सेरीन के साथ मिशिगन के एन आर्बर में रहते हैं। उनकी जीत को अमेरिकी राजनीति में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
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