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पवन खेड़ा का अमित शाह पर हमला, बोले- गृह मंत्रालय नहीं संभल रहा तो कुर्सी छोड़ दीजिए

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश की
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कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और कई राज्यों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए शाह से गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी छोड़ने तक की बात कह दी। खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार घुसपैठ, मणिपुर की स्थिति और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में नाकाम रही है।

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    पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, “मोटा भाई, गृह मंत्रालय आपसे संभल नहीं रहा, तो कुर्सी से चिपके क्यों बैठे हैं?” उन्होंने दावा किया कि सात साल में देश के तीन करोड़ घुसपैठियों का मुद्दा हल नहीं हुआ और तीन साल से मणिपुर की स्थिति भी नहीं संभल रही। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश का मुद्दा भी उठाया।

    पुलवामा से लाल किले तक की घटनाओं का किया जिक्र

    पवन खेड़ा ने अपने बयान में पुलवामा और पहलगाम हमलों के साथ लाल किले के पास हुए धमाके का भी उल्लेख किया। उन्होंने देश की राजधानी के नजदीक 300 किलो RDX मिलने का दावा करते हुए केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

    खेड़ा ने अमित शाह को गृह मंत्रालय छोड़कर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शाह अपने मोबाइल सर्कस को हैदराबाद, करनाल और देश के दूसरे राज्यों में लेकर जाएं, लेकिन गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी छोड़ दें।

    नितिन नवीन को लेकर भी कसा तंज

    कांग्रेस नेता ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी आजादी दे देनी चाहिए। खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि इससे नितिन नवीन और अमित शाह दोनों खुश रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश भी गृह मंत्री के पद से शाह को हटाए जाने का इंतजार कर रहा है।

    SIR और चुनावी मुद्दों पर भी जारी है सियासी टकराव

    कांग्रेस और बीजेपी के बीच इन दिनों कई मुद्दों को लेकर टकराव जारी है। कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट काटे जाने के आरोप लगाते हुए सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रही है। पार्टी SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को रद्द करने की मांग भी कर रही है।

    वहीं, बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया है। पार्टी के नेता अलग-अलग राज्यों में जनसभाएं कर रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटी है।

    इसी राजनीतिक टकराव के बीच इंडिया गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की थी। राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई बार सार्वजनिक बहस की चुनौती दे चुके हैं। SIR से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। अरुणाचल प्रदेश में नदी बचाने की मांग को लेकर लोगों के दिल्ली में प्रदर्शन ने भी राजनीतिक बहस को और तेज किया है।

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