Last updated: November 5th, 2026 at 11:59 am

जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने बताया कि शिकायतों की जांच के लिए गठित हाई पावर्ड कमिटी का पोर्टल 13 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने वालों की पहचान गोपनीय रखने की व्यवस्था भी की गई है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कमिटी की पहली रिपोर्ट के मुताबिक अब तक उसे बहुत कम शिकायतें मिली हैं। अदालत ने याचिकाकर्ताओं से अपील की कि वे प्रदर्शन के दौरान प्रभावित हुए लोगों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करें।
पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने का मौका
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई या कथित अधिक बल प्रयोग से शिकायत है, वे कमिटी के पोर्टल पर अपनी बात रख सकते हैं। शिकायतकर्ताओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भी कमिटी के सामने अपनी शिकायतें और पक्ष रखने की अनुमति दी है। अदालत का कहना है कि अधिक से अधिक प्रभावित लोग सामने आएं, ताकि कमिटी सभी संबंधित पक्षों की बात सुनकर मामले की जांच कर सके।
2 दिसंबर को फिर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को तय की है। अगली तारीख पर कमिटी को मिली शिकायतों और जांच की प्रगति पर नजर रहेगी।
दरअसल, NEET पेपर लीक विवाद के बाद जून-जुलाई में देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
प्रदर्शन के दौरान NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित कमिटी इन शिकायतों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
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