Last updated: November 5th, 2026 at 12:36 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 5 नवंबर को गाजियाबाद में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। हाथ में तिरंगा लेकर पदयात्रा में शामिल हुए योगी ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने और देश के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। वहीं, कार्यक्रम के चलते राजनगर एक्सटेंशन में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। लंबा जाम लगने से आम लोगों को काफी परेशानी हुई, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई दुकानें और पेट्रोल-सीएनजी पंप भी बंद करा दिए गए।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर योगी का हमला
दूधेश्वर नाथ की धरती पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक हितों के लिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस के लोकतंत्र बचाने के दावों पर सवाल खड़े किए।
योगी ने राहुल गांधी पर भी तंज कसते हुए परीक्षा में असफल होने वाले विद्यार्थी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब किसी विद्यार्थी का परिणाम खराब आता है तो वह अपनी गलती मानने के बजाय कभी कॉपी बदलने, कभी पाठ्यक्रम से बाहर सवाल आने और कभी पेन की स्याही खत्म होने का बहाना बनाता है। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के जरिए कांग्रेस पर अपनी राजनीतिक विफलताओं का ठीकरा दूसरी संस्थाओं पर फोड़ने का आरोप लगाया।
राम मंदिर से लेकर विकास कार्यों तक का किया जिक्र
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि रामलला को करीब 500 वर्षों तक तंबू में रहना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राम मंदिर आंदोलन का विरोध करने का आरोप लगाया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक्सप्रेसवे के विस्तार, आवास योजनाओं, सार्वजनिक परिवहन और किसानों के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों को राशन, आवास और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। कोरोना महामारी के दौरान मुफ्त राशन और टीकाकरण को भी उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में गिनाया।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकारें गंभीर नहीं थीं, जबकि अब आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल का जिक्र करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकारों के दौरान प्रदेश में दंगे और अराजकता की घटनाएं हुईं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के मौजूदा आंदोलन को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई के बजाय अपने राजनीतिक हितों और परिवारों को बचाने की कोशिश बताया।
सभा में गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। नेताओं ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाए।
पदयात्रा में उमड़ी भीड़, तिरंगा लेकर आगे बढ़े मुख्यमंत्री
पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर आगे बढ़े। उन्हें देखने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। समर्थकों ने नारेबाजी और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। कार्यक्रम के पूरे मार्ग पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
राजनगर एक्सटेंशन में घंटों जाम, नौकरीपेशा लोगों को हुई परेशानी
मुख्यमंत्री की पदयात्रा में शामिल होने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से बीजेपी कार्यकर्ता और नेता पहुंचे थे। वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण राजनगर एक्सटेंशन में सुबह से ही यातायात प्रभावित रहा। सुबह करीब 10 बजे से सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।
सुबह 11:30 बजे तक प्रशासन की ओर से निर्धारित पार्किंग स्थल भर गए थे। इसके बाद कई बसें और दूसरे वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए गए, जिससे रास्ते और संकरे हो गए। जाम का असर स्थानीय निवासियों के साथ नौकरीपेशा लोगों पर भी पड़ा। कई लोगों को समय पर अपने कार्यालय पहुंचने में परेशानी हुई। जनसभा स्थल पर भी भीड़ अधिक होने के कारण कई समर्थकों को बिना कार्यक्रम देखे वापस लौटना पड़ा।
दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप बंद
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राजनगर एक्सटेंशन के मुख्य मार्ग पर दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया गया था। फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों के साथ पेट्रोल और सीएनजी पंपों का संचालन भी रोक दिया गया। प्रशासन की ओर से बुधवार रात 12 बजे से ही प्रतिष्ठानों को बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
पंपों के प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी गई। एचपीसीएल पंप संचालक संदीप त्यागी के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से पंप बंद रखने का निर्देश मिला था। बिक्री नहीं होने के कारण कर्मचारियों को भी छुट्टी देनी पड़ी।
हिंडन एयरपोर्ट जाने वाले रास्ते पर भी सुरक्षा सख्त
मुख्यमंत्री के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचने के कार्यक्रम को देखते हुए एयरपोर्ट की ओर जाने वाले मार्ग पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस ने कुछ समय के लिए दोनों तरफ का यातायात रोककर सड़क खाली कराई। सड़क किनारे लोगों के खड़े होने पर भी रोक लगाई गई।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री की पदयात्रा जहां राजनीतिक बयानबाजी और विपक्ष पर हमलों को लेकर चर्चा में रही, वहीं दूसरी ओर यातायात प्रतिबंधों और बाजार बंद रहने से स्थानीय लोगों और कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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