Last updated: November 7th, 2026 at 05:51 am

रामनगरी अयोध्या दीपोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है। छोटी दीपावली पर होने वाले भव्य आयोजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। इस बार अयोध्या में सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के प्रस्तावित आगमन को लेकर भी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उनके काफिले की आवाजाही को लेकर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से रामकथा पार्क तक फ्लीट रिहर्सल कराया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पूरे अयोध्या धाम क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है, जबकि अलग-अलग सेक्टरों में भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के मुताबिक, मंदिरों, रामलीला स्थलों और प्रमुख आयोजन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है। 7 नवंबर को छोटी दीपावली और 8 नवंबर को दीपावली के मद्देनजर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी दो पालियों में निर्धारित की गई है।
इस बार सुरक्षा इंतजामों के तहत 20 अपर पुलिस अधीक्षक, 45 पुलिस उपाधीक्षक, 120 निरीक्षक, 450 उपनिरीक्षक और 60 महिला उपनिरीक्षक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 1750 पुलिसकर्मी और 400 महिला आरक्षियों को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।
सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए पीएसी की नौ सामान्य कंपनियां, एक बाढ़ राहत कंपनी और आरएएफ की तीन कंपनियां भी तैनात रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम और एटीएस कमांडो भी मोर्चा संभालेंगे।
वहीं, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया विभाग की अलग टीम लगाई गई है। बम निरोधक दस्ते की तीन टीमें, एंटी माइंस टीम और एएस चेक की नौ टीमें भी सुरक्षा जांच में जुटी रहेंगी। इसके साथ ही क्यूआरटी और रिजर्व पुलिस बल को भी अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन का पूरा जोर है कि दीपोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
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