Last updated: April 22nd, 2026 at 09:18 am

बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्णिया से सांसद Pappu Yadav के एक बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी ने व्यापक बहस छेड़ दी है।
दरअसल, महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान पप्पू यादव ने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर एक बेहद विवादास्पद दावा किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए कई तरह की चुनौतियों और समझौतों का सामना करना पड़ता है। उनके इस बयान को कई लोगों ने महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया और सांसद को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए उनसे तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
आयोग का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों के इस तरह के बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आयोग लोकसभा के अध्यक्ष को भी संज्ञान लेने के लिए सिफारिश कर सकता है। फिलहाल, इस पूरे विवाद ने बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में राजनीति और समाज में महिलाओं की स्थिति को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
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