Last updated: April 27th, 2026 at 06:44 am

नई दिल्ली में राज्यसभा के भीतर एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्यसभा के चेयरमैन सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में विलय को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की संख्या घटकर सिर्फ तीन सांसदों तक सीमित रह गई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की ताकत बढ़कर 113 तक पहुंच गई है, जिससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का आंकड़ा भी बढ़कर 148 हो गया है।
जिन सात सांसदों को बीजेपी में शामिल होने की अनुमति मिली है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा की आधिकारिक सूची में भी अब इन नेताओं को बीजेपी सांसद के रूप में दर्शाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने हाल ही में राज्यसभा चेयरमैन से अनुरोध किया था कि उन्हें औपचारिक रूप से बीजेपी का सदस्य माना जाए, जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, इससे पहले आम आदमी पार्टी ने इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए याचिका भी दायर की थी।
संजय सिंह सहित पार्टी के अन्य नेताओं का कहना था कि पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने वाले सांसदों को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आम आदमी पार्टी पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है। इस बदलाव को राज्यसभा की राजनीति में एक बड़े समीकरण परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
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