Last updated: May 3rd, 2026 at 06:25 am

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब दक्षिण 24 परगना जिले के फालता विधानसभा क्षेत्र में मतदान रद्द कर दोबारा चुनाव कराने का फैसला लिया गया। इस फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेत बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में लागू मॉडल को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसा करना आसान नहीं होगा। साथ ही उन्होंने विपक्षी नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर दम है तो फालता से चुनाव लड़कर दिखाएं।
दरअसल, चुनाव आयोग ने मतदान के दौरान कथित अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूरे विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग रद्द कर दी और 21 मई को पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के बाद राज्य की सियासत और गरमा गई है। जहां एक ओर सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बता रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष चुनाव आयोग के फैसले को सही ठहरा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक तकरार का कारण बन सकता है।
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