Last updated: November 7th, 2026 at 11:54 am

मोकामा के विधायक अनंत सिंह एक बार फिर अपने काफिले को लेकर चर्चा में हैं। शनिवार को वह पटना से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। उनके काफिले में 100 से अधिक गाड़ियां शामिल थीं। रास्ते में आरा और बक्सर समेत कई जगहों पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस काफिले को सुप्रीम कोर्ट के सामने सरेंडर करने की समयसीमा से पहले उनके शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
पुराने दोस्त की शादी में शामिल होने जा रहे अनंत सिंह
पटना से रवाना होने के दौरान अनंत सिंह ने बताया कि वह प्रयागराज में अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के घर आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पप्पू सलमान उनके काफी अच्छे दोस्त हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में उनके समर्थक मौजूद हैं।
आरा पहुंचने पर जब उनसे वहां आने का अनुभव पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। वहीं, बक्सर में समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया। यहां अनंत सिंह ने भोजन भी किया और इसके बाद प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
विधानसभा की सदस्यता को लेकर पूछे गए सवाल पर क्या बोले?
इस दौरान अनंत सिंह से बिहार विधानसभा की ओर से सात दिनों के भीतर सदस्यता समाप्त करने से जुड़े मामले में मांगे गए जवाब को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि शादी समारोह से लौटने के बाद वह अपना जवाब देंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहले अपना काम पूरा करेंगे, उसके बाद इस मामले पर जवाब देंगे।
लालू यादव और तेजस्वी को भी देंगे बेटी की शादी का निमंत्रण
अनंत सिंह ने अपनी छोटी बेटी शिवांगी की शादी को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि वह शादी का निमंत्रण देने के लिए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव समेत सभी नेताओं के घर जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है और बेटी की शादी अपनी जगह। शादी के मौके पर सभी लोगों को निमंत्रण दिया जाएगा। गौरतलब है कि शिवांगी की शादी 25 नवंबर को होनी है।
4 दिसंबर तक सरेंडर करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश
दरअसल, दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 4 दिसंबर तक या उससे पहले संबंधित जांच अधिकारी के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसी बीच बेटी की शादी की तैयारियों के साथ अनंत सिंह लगातार अपने क्षेत्र में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। अब प्रयागराज दौरे, विधानसभा की सदस्यता से जुड़े मामले में उनके जवाब और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर की प्रक्रिया पर सबकी नजरें बनी हुई हैं।
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