Last updated: October 30th, 2026 at 12:41 pm

बिहार के सरकारी स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे पुराने शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब उन्हें भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी पड़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार शिक्षा विभाग पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) कराने के विकल्प पर विचार कर रहा है। यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से कराई जा सकती है। हालांकि, परीक्षा के आयोजन, पात्रता और नियमों को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
शिक्षा विभाग इस बात पर मंथन कर रहा है कि पुराने शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी का स्वरूप कैसा होगा। किन शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी, किसे छूट मिलेगी और परीक्षा के लिए क्या नियम निर्धारित किए जाएंगे, इन सभी पहलुओं पर निर्णय होना बाकी है। फिलहाल परीक्षा की तारीख और आवेदन प्रक्रिया को लेकर भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से क्यों बढ़ी पुराने शिक्षकों की चिंता?
दरअसल, 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने ‘अंजुमन इशाअत-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार’ मामले में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के दायरे में आने वाले स्कूलों के शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य योग्यता है। यह शर्त पहले से कार्यरत शिक्षकों पर भी लागू हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, RTE कानून लागू होने से पहले नियुक्त ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में TET पास करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें सेवा छोड़नी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें TET पास किए बिना सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रहने की छूट दी गई है। हालांकि, ऐसे शिक्षक TET पास किए बिना पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।
TET पास करने की समय-सीमा 31 अगस्त 2028
सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 को समीक्षा याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए पहले निर्धारित समय-सीमा को बढ़ा दिया था। अब संबंधित शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा।
कोर्ट ने राज्यों और संबंधित अधिकारियों से यह भी कहा है कि शिक्षकों को परीक्षा पास करने का पर्याप्त अवसर देने के लिए TET का आयोजन नियमित रूप से किया जाए। इसके लिए साल में दो बार परीक्षा कराने का प्रयास करने की बात कही गई है।
बिहार के शिक्षकों को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट का आदेश
28 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार से जुड़े एक अन्य मामले में भी महत्वपूर्ण आदेश दिया। इसमें प्राथमिक स्कूलों के उन शिक्षकों को D.El.Ed की योग्यता हासिल करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया, जो 31 मार्च 2015 तक सेवा में थे और निर्धारित योग्यता पूरी नहीं कर पाए थे। इस आदेश में कोर्ट ने TET और D.El.Ed दोनों को प्राथमिक स्तर पर शिक्षक नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यता माना।
स्पेशल TET में किन शिक्षकों को मिल सकती है छूट?
बिहार शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुराने शिक्षकों के लिए परीक्षा का स्वरूप क्या होगा। इसमें शिक्षकों की नियुक्ति की तारीख, सेवानिवृत्ति में बचा समय और पहले से प्राप्त शैक्षणिक योग्यता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि स्पेशल TET में सभी पुराने शिक्षकों को शामिल किया जाएगा या कुछ श्रेणियों को छूट मिलेगी। परीक्षा BSEB के माध्यम से होगी या इसके लिए कोई अलग व्यवस्था बनेगी, इस पर भी अंतिम निर्णय का इंतजार है।
शिक्षकों को अब क्या करना चाहिए?
फिलहाल शिक्षकों को शिक्षा विभाग की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए। परीक्षा की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, पाठ्यक्रम और तारीख से संबंधित जानकारी आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। शिक्षक बिहार शिक्षा विभाग और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर नजर रखें। बिना आधिकारिक नोटिस के परीक्षा की तारीख या नियमों को लेकर किसी भी दावे पर भरोसा न करें।
![]()
Comments are off for this post.