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बिहार पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 425 थानों की कमान अब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों के हाथ में

बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय ने राज्य की कानून-व्यवस्था और जांच प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा
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बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय ने राज्य की कानून-व्यवस्था और जांच प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रशासनिक निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा 22 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार अब राज्य के 425 थानों में थाना प्रभारी के रूप में पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।

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    इस बदलाव के तहत पहले से चिन्हित 208 थानों के अलावा 217 और थानों को भी इंस्पेक्टर-स्तर के थाना प्रभारी की श्रेणी में अपग्रेड किया गया है। इन थानों का चयन उनके क्षेत्रफल, अपराध की संवेदनशीलता और औसतन दर्ज होने वाले मामलों की संख्या के आधार पर किया गया है।

    नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को मिलेगा बल

    यह निर्णय हाल ही में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इंस्पेक्टर स्तर के थाना प्रभारी होने से गंभीर मामलों की जांच अधिक वैज्ञानिक और तेज़ तरीके से हो सकेगी।

    इसके साथ ही फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के उपयोग और तकनीकी जांच प्रक्रिया को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि अपराधों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके।

    जांच और कानून-व्यवस्था के काम अलग-अलग होंगे

    पुलिस थानों के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए अनुसंधान और कानून-व्यवस्था इकाइयों को पहले ही अलग किया जा चुका है। नए आदेश के अनुसार, थाना प्रभारी के अधीन दो अलग-अलग अधिकारी कार्य करेंगे एक अनुसंधान के लिए और दूसरा कानून-व्यवस्था के लिए। इस व्यवस्था से थाने के संचालन में बेहतर नियंत्रण और निगरानी संभव होगी, जिससे अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा जैसे मामलों में भी सुधार आने की उम्मीद है।

    अतिरिक्त खर्च के बिना लागू होगा बदलाव

    पुलिस मुख्यालय के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था मौजूदा पदों और संसाधनों के आधार पर लागू की जाएगी, जिससे सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। संबंधित थानों के प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र के ‘अंचल निरीक्षक’ के रूप में भी कार्य करेंगे, जिससे प्रशासनिक समन्वय और मजबूत होगा।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को स्थायी थाना प्रभारी नहीं बनाया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है।

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