Last updated: September 11th, 2026 at 03:59 pm

नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली और उसके आसपास के हवाई क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नोटिस के अनुसार, दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले हवाई अड्डों पर गैर-नियमित उड़ानों के संचालन पर 11 से 13 सितंबर तक सुबह 7 बजे से रात 11 बजे के बीच रोक रहेगी। इस दौरान निजी विमान, चार्टर विमान और अन्य गैर-निर्धारित उड़ानों के संचालन पर विशेष नियंत्रण रहेगा।
हालांकि, इस प्रतिबंध का असर सामान्य यात्रियों की नियमित कमर्शियल उड़ानों पर नहीं पड़ेगा। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होने वाली नियमित एयरलाइन सेवाओं को इस व्यवस्था से छूट दी गई है। यानी दिल्ली से आने-जाने वाली सामान्य यात्री उड़ानें निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत संचालित होती रहेंगी।
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों को लेकर आने वाली विशेष उड़ानों को भी अनुमति दी जाएगी। हालांकि इनके फ्लाइट प्लान और यात्रा कार्यक्रम को पहले से संबंधित सुरक्षा एवं गृह मंत्रालय की मंजूरी लेनी होगी। राज्यपाल या मुख्यमंत्री को लेकर चलने वाले सरकारी विमान और हेलीकॉप्टरों को भी विशेष छूट दी गई है।
भारतीय वायुसेना, सीमा सुरक्षा बल और एविएशन रिसर्च सेंटर की निर्धारित उड़ानों को भी प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है। इसके अलावा आपातकालीन सुरक्षा अभियान, क्विक रिस्पॉन्स टीम की तैनाती और मेडिकल इमरजेंसी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ सैन्य हेलीकॉप्टरों को भी आवश्यक अनुमति के साथ उड़ान भरने की छूट रहेगी।
BRICS सम्मेलन के दौरान करीब 35 विशेष विमानों के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। इनमें विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और VVIP मेहमानों को लेकर आने वाले चार्टर विमान शामिल हैं। अतिरिक्त विमानों की पार्किंग और संचालन व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट के अलावा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हिंडन और जयपुर एयरपोर्ट को भी तैयार रखा गया है। लखनऊ एयरपोर्ट को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्टैंडबाय में रखा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सफदरजंग एयरपोर्ट पर भी सामान्य नागरिक उड़ानों का संचालन बंद रहेगा। यहां केवल निर्धारित आपातकालीन, VIP और सुरक्षा संबंधी हेलीकॉप्टर गतिविधियों को अनुमति दी जाएगी। वहीं कुछ अन्य हवाई सुविधाओं पर भी विशेष प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
हवाई क्षेत्र में केवल टेकऑफ और लैंडिंग पर ही नियंत्रण नहीं लगाया गया है, बल्कि उड़ानों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष नियम लागू किए गए हैं। दिल्ली के आसपास से गुजरने वाली निर्धारित उड़ानों को तय ऊंचाई संबंधी नियमों का पालन करना होगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था के दौरान हवाई यातायात को व्यवस्थित रखा जा सके।
इन प्रतिबंधों का उद्देश्य BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। सम्मेलन के दौरान दिल्ली में पहले से ही सड़क यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। ऐसे में हवाई क्षेत्र में अतिरिक्त नियंत्रण सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली से नियमित विमान सेवा लेने वाले यात्रियों के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि सामान्य शेड्यूल वाली कमर्शियल उड़ानों पर सीधे तौर पर रोक नहीं लगाई गई है। फिर भी सम्मेलन के दौरान एयरपोर्ट तक पहुंचने में ट्रैफिक और सुरक्षा जांच के कारण सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। इसलिए यात्रियों को अपनी उड़ान से काफी पहले एयरपोर्ट के लिए निकलने और एयरलाइन से फ्लाइट का ताजा स्टेटस जांचने की सलाह दी जा रही है।
इस तरह 11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली का 300 किलोमीटर का हवाई क्षेत्र विशेष सुरक्षा निगरानी में रहेगा। नियमित यात्री उड़ानें जारी रहेंगी, जबकि निजी, चार्टर और अन्य गैर-नियमित उड़ानों पर निर्धारित समय में प्रतिबंध रहेगा। सम्मेलन में आने वाले विशेष विमानों के लिए अलग व्यवस्था की गई है, जिससे सुरक्षा और सामान्य हवाई यातायात दोनों को संतुलित रखने की कोशिश की जा रही है।
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