Last updated: August 21st, 2026 at 07:56 am

दक्षिणी राज्यों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गुरुवार को दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंतरराज्यीय जल विवाद, लोकसभा सीटों के परिसीमन, नदी परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और राज्यों के बीच लंबित मामलों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में दक्षिण भारत के राज्यों ने अंतरराज्यीय जल विवादों को बातचीत के जरिए जल्द सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई। वहीं, लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंताएं भी सामने आईं।
जल विवादों के समाधान पर अमित शाह का जोर
अमित शाह ने बैठक में कहा कि राज्यों को अपने हितों की रक्षा करने का अधिकार है, लेकिन लंबे समय तक चलने वाले जल विवादों से किसी राज्य का वास्तविक फायदा नहीं होता। उन्होंने राज्यों के बीच बातचीत और सहयोग के जरिए विवादों को जल्द खत्म करने पर जोर दिया।
उन्होंने प्रमुख नदियों को आपस में जोड़ने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। शाह के मुताबिक, ब्रह्मपुत्र से लेकर कावेरी और गोदावरी तक नदी तंत्र को जोड़ने की दिशा में काम किया जाए तो आने वाले दशकों में पानी की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है। इससे जलमार्गों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंता
बैठक में लोकसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दक्षिणी राज्यों की चिंता है कि जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण होने पर उन्हें संसद में मौजूदा राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुकाबले नुकसान हो सकता है।
कर्नाटक और तमिलनाडु की ओर से लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखने की मांग रखी गई। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 1971 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाए रखने और महिलाओं के आरक्षण को मौजूदा सीटों के भीतर लागू करने की मांग से जुड़ा प्रस्ताव रखने की बात कही।
मेकेदातु परियोजना पर कर्नाटक का भरोसा
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर तमिलनाडु और पुडुचेरी के हितों की रक्षा का भरोसा दिया। हालांकि, बैठक के दौरान कावेरी जल बंटवारे से जुड़े विवाद पर चर्चा नहीं हुई।
तमिलनाडु की ओर से भी स्पष्ट किया गया कि दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की इस बैठक में कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण या कावेरी जल बंटवारे से जुड़े मामलों को एजेंडे में नहीं लिया गया।
चंद्रबाबू नायडू ने रखा बुलेट ट्रेन का प्रस्ताव
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बैठक में दक्षिण भारत के लिए बड़े परिवहन नेटवर्क का प्रस्ताव रखा। उन्होंने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु को जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की बात कही, जिसमें कुप्पम के रास्ते को शामिल करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा अमरावती, बेंगलुरु और चेन्नई को जोड़ने वाले ट्रांजिट नेटवर्क को विकसित करने का सुझाव भी दिया गया।
केरल और तेलंगाना ने उठाए अपने मुद्दे
केरल की ओर से मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया गया। साथ ही स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे, पर्यावरण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्यों के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत पर जोर दिया गया।
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमरका ने कृष्णा नदी के पानी में राज्य के अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। पुडुचेरी ने भी पूरे साल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और पड़ोसी राज्यों, खासकर तमिलनाडु, के साथ बेहतर समन्वय की जरूरत बताई।
दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की बैठक में जल विवादों को बातचीत से सुलझाने पर सहमति के संकेत मिले, लेकिन परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंताएं अभी कायम हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर केंद्र और राज्यों के बीच बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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