Last updated: August 21st, 2026 at 08:08 am

सिंगापुर: सिंगापुर में भारतीय मूल के स्थायी निवासी और कई कंपनियों के निदेशक रामू पलानी वेलु को दिवालिया घोषित कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी कंपनियों से जुड़े 400 से अधिक कर्मचारियों ने बकाया वेतन के लिए दावे किए हैं। इनमें बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार शामिल हैं।
द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रामू के खिलाफ 13 अगस्त को दिवालियापन का आदेश जारी किया गया। वह सिंगापुर में एयर-कंडीशनिंग, प्लंबिंग और बिल्डिंग से जुड़ी सेवाएं देने वाली सात कंपनियों के निदेशक बताए जाते हैं।
407 कर्मचारियों ने किया वेतन का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 407 कर्मचारियों ने बकाया मजदूरी को लेकर दावे किए हैं। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें दो महीने से अधिक समय तक वेतन नहीं मिला।
रामू से जुड़ी कंपनियों में KPA Engineering, SK Industries और VVR Plant Engineering समेत कई कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर मामला सिंगापुर के अधिकारियों के संज्ञान में आया।
2025 में पहली बार सामने आया मामला
बकाया वेतन का विवाद 2025 में सामने आया था। KPA Engineering के पांच कर्मचारियों ने वेतन भुगतान को लेकर सिंगापुर के Tripartite Alliance for Dispute Management से संपर्क किया था। इन मामलों को बाद में सुलझा लिया गया और कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान मिल गया।
इसके बाद मई और जून में कंपनी के चार अन्य कर्मचारियों ने भी वेतन नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इसी दौरान मामले ने और बड़ा रूप ले लिया।
100 से ज्यादा कर्मचारी MOM कार्यालय पहुंचे
22 जून को 100 से अधिक कर्मचारी मदद की मांग को लेकर सिंगापुर के Ministry of Manpower यानी MOM के बेंडमीर कार्यालय पहुंचे। उस समय अधिकारियों की ओर से संबंधित कंपनियों और उनके निदेशकों से संपर्क करने की कोशिश पहले से की जा रही थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों को 8 जून को नौकरी से हटाए जाने के नोटिस भी मिले थे। इसके बाद उनके बकाया वेतन से संबंधित दावों की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
रामू ने खुद दिवालियापन के लिए दिया आवेदन
मामला सामने आने के दौरान रामू सिंगापुर से बाहर थे। वह 26 जून को वापस लौटे और मामले की जांच में MOM के अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
सिंगापुर के Insolvency Office के रिकॉर्ड के अनुसार, रामू ने 9 जुलाई को खुद दिवालियापन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद 13 अगस्त को उनके खिलाफ दिवालियापन का आदेश जारी किया गया।
वेतन न देने पर हो सकती है कार्रवाई
रिपोर्ट में सिंगापुर के कानून का हवाला देते हुए बताया गया है कि कर्मचारियों को वेतन नहीं देने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में आरोप के अनुसार 3,000 से 15,000 अमेरिकी डॉलर तक जुर्माना और छह महीने तक की जेल का प्रावधान बताया गया है।
फिलहाल इस मामले में 407 कर्मचारियों के वेतन दावों और संबंधित कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर अधिकारियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण बनी हुई है। मामले की आगे की प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों के बकाये का भुगतान किस तरह किया जाता है।
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