Last updated: July 18th, 2026 at 11:38 am

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे लोगों की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है।
कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती जा रही है, जबकि जनता अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठा रही है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है और इसे बलपूर्वक रोकना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों और युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर थे। उनकी प्रमुख मांगों में पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल थी। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली पुलिस ने चिकित्सकीय सलाह और अदालत के निर्देशों के आधार पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, लंबे अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है और उनका उपचार जारी है। इस बीच, विपक्ष के कई नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है और आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
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