Last updated: May 7th, 2026 at 06:39 am

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन खास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले निशांत ने अपने पिता नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गईं।
पटना के गांधी मैदान में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए के कई बड़े नेता शामिल होने वाले हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे। निशांत कुमार ने दोनों वरिष्ठ नेताओं का भी आशीर्वाद लिया।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि निशांत कुमार को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। माना जा रहा है कि उन्हें उप मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
निशांत कुमार अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई पटना और बाद में BIT मेसरा से इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर पूरी की। लंबे समय तक उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ती नजर आईं।
जदयू के कार्यक्रमों और संगठनात्मक बैठकों में उनकी मौजूदगी लगातार बढ़ रही थी। ऐसे में अब उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना पार्टी की नई रणनीति और नई पीढ़ी को आगे लाने की कोशिश माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में एनडीए के कुल 31 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बीजेपी, जदयू, एलजेपी (रामविलास), हम और आरएलएम के कई नेताओं को नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। वहीं इस बार कई पुराने चेहरों की छुट्टी भी तय मानी जा रही है।
बीजेपी कोटे से राम कृपाल यादव, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल और श्रेयसी सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। दूसरी ओर जदयू की तरफ से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, मदन सहनी, लेसी सिंह और अशोक चौधरी जैसे नेताओं को मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशांत कुमार की एंट्री जदयू की भविष्य की राजनीति का संकेत है और इसके जरिए पार्टी युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
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