Last updated: May 7th, 2026 at 06:36 am

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली बड़ी हार के बाद राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उनके इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक और संवैधानिक बहस तेज हो गई है।
कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी को जनता ने नहीं, बल्कि साजिश के तहत हराया गया है। उन्होंने दावा किया कि नैतिक रूप से उनकी जीत हुई है, इसलिए इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम पूरी तरह निष्पक्ष नहीं रहे। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से शांत रहने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री के इस्तीफा न देने वाले बयान के बाद संवैधानिक विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में बहुमत खोने के बाद मुख्यमंत्री को राज्यपाल को इस्तीफा सौंपना होता है। यदि ऐसा नहीं होता, तो राज्यपाल संविधान के तहत आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन के कई बड़े नेताओं ने उनसे बातचीत की है और समर्थन का भरोसा दिया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में विपक्षी एकता और मजबूत होगी।
इस बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि बंगाल में आगे की संवैधानिक प्रक्रिया क्या होगी और राज्यपाल इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं। राज्य की राजनीति फिलहाल पूरी तरह गर्माई हुई है।
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