Last updated: September 5th, 2026 at 12:15 pm

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने नाबालिग निशु आजाद के खिलाफ हिंदू देवी-देवताओं से संबंधित कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में भगवान शिव, श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से जुड़े पोस्ट का उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, निशु आजाद और उसके पिता/अभिभावक को कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री हटाने का अवसर दिया गया था। चूंकि निशु नाबालिग है, इसलिए अमिता सचदेवा का कहना है कि उन्होंने तत्काल कानूनी कार्रवाई की बजाय पहले पोस्ट हटाने के लिए कहा था।
पोस्ट नहीं हटाने का लगाया आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित पोस्ट अब तक हटाए नहीं गए हैं और कथित सामग्री सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। शिकायतकर्ता ने पोस्ट हटाने की मांग पूरी नहीं होने के बाद निशु आजाद और उसके पिता/अभिभावक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अमिता सचदेवा का कहना है कि किसी धार्मिक विचार या मान्यता से असहमति जताना व्यक्ति के अधिकार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर धार्मिक आस्था या देवी-देवताओं के अपमान की अनुमति नहीं दी जा सकती।
निशु के पिता पर कथित हमले का मामला भी चर्चा में
निशु आजाद के पिता पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित हमले को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद चल रहा है। NEET परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप लगाए गए हैं।
इस मामले में CJP के अलावा कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ धाराएं बढ़ीं
मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पहले SC-ST Act के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद लगातार विरोध और मांगों के बीच पुलिस ने मामले में POCSO Act की धाराएं भी जोड़ी हैं।
एक तरफ निशु आजाद के पिता पर कथित हमले को लेकर कार्रवाई की मांग जारी है, वहीं अब निशु के खिलाफ धार्मिक भावनाओं से जुड़े कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शिकायत सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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