Last updated: November 5th, 2026 at 12:10 pm

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले पांच महीने से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच रावलकोट से हिंसा की गंभीर खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कोर (FC) पर आम नागरिकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गोलीबारी के साथ ड्रोन से बम गिराने और RPG-7 रॉकेट का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इन हमलों में सात लोगों की मौत और 23 के गंभीर रूप से घायल होने का दावा किया गया है।
प्रदर्शन के प्रमुख आयोजक सरदार उमर नजीर ने उमर फारूक चौक पर कथित तौर पर हमलों में इस्तेमाल किए गए हथियारों के कुछ हिस्से सार्वजनिक रूप से दिखाए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से मामले का संज्ञान लेने की अपील की।
बस टर्मिनल पर गोलीबारी और बमबारी का आरोप
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, रावलकोट बस टर्मिनल पर सुबह करीब 8 बजे से पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कोर ने कार्रवाई शुरू की। आरोप है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए गोलीबारी की और ड्रोन के जरिए बम गिराए।
प्रदर्शनकारियों ने मौके से RPG-7 रॉकेट के टेल फिन का हिस्सा मिलने का दावा भी किया है। इसे दिखाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि निहत्थे लोगों के खिलाफ सैन्य इस्तेमाल वाले हथियारों का प्रयोग किया गया। हालांकि, इन हथियारों के इस्तेमाल और हमलों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
7 लोगों की मौत, 23 गंभीर रूप से घायल होने का दावा
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गोलीबारी, कथित ड्रोन बमबारी और रॉकेट हमलों में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 23 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है।
वहीं, PoK पुलिस ने अपने बयान में प्रदर्शनकारियों पर पहले गोली चलाने का आरोप लगाया है और उन्हें दंगाई बताया है। हालांकि, पुलिस की ओर से जारी बयान में कथित ड्रोन हमलों और RPG-7 रॉकेट के इस्तेमाल के आरोपों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी
घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने उमर फारूक चौक स्थित धरनास्थल पर पाकिस्तानी सेना, रेंजर्स, फ्रंटियर कोर और PoK पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की मांग की है।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस के दावों के बीच अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है। कथित हथियारों के इस्तेमाल और हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
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