Human Live Media

HomeNewsNEET पुनर्परीक्षा में वायुसेना की एंट्री पर गरमाई सियासत, रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

NEET पुनर्परीक्षा में वायुसेना की एंट्री पर गरमाई सियासत, रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

पटना : NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने के फैसले पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
03_03_2024-rohini_acharya_pm_modi

पटना : NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने के फैसले पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए भारतीय वायु सेना की मदद लेने के निर्णय पर राजद नेता रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला है।

Table of Contents

    दरअसल, 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रश्नपत्रों की ढुलाई और सुरक्षा व्यवस्था में भारतीय वायु सेना की सहायता लेने पर सहमति बनी है। इस फैसले को लेकर अब विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है।

    रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि परीक्षा के पेपर की सुरक्षा के लिए सेना की मदद लेना इस बात का संकेत है कि मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में विफल रही है और अब हालात ऐसे बन गए हैं कि सेना की सहायता लेनी पड़ रही है।

    उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सेना का मुख्य काम देश की सुरक्षा करना है, न कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निगरानी करना। रोहिणी ने केंद्र सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि अगर लगातार पेपर लीक हो रहे हैं तो इसके लिए जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही।

    राजद नेता ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार इस मामले में जवाबदेही तय कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

    बता दें कि गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में NEET पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और NTA के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    सरकार की ओर से इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए मल्टीलेयर मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक की आशंका को रोका जा सके।

    Loading

    Comments are off for this post.