Last updated: September 26th, 2026 at 10:41 am

जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के विवाद ने बिहार की राजनीति को और गरमा दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग दोहराई है। तेजस्वी ने कहा कि अगर बिहार पुलिस मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती है तो वह पुलिस को पक्षकार बनाकर कोर्ट का रुख करेंगे।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक X हैंडल से जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा की गई। पोस्ट कुछ ही मिनटों बाद हटा दी गई। इसके बाद तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर POCSO के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया। वहीं, पुलिस ने इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज की है।
‘कानून सबके लिए बराबर’, CM पर कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव का कहना है कि जमुई मामले में सोशल मीडिया पर तस्वीर या वीडियो साझा करने वाले कई लोगों पर POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। ऐसे में उनका सवाल है कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से नाबालिग की तस्वीर साझा किए जाने के मामले में सम्राट चौधरी को आरोपी क्यों नहीं बनाया जा रहा है।
तेजस्वी ने कहा कि कानून गरीब-अमीर, आम नागरिक, नेता या अधिकारी—सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने पुलिस से मुख्यमंत्री के खिलाफ भी POCSO के तहत कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस ने CMO कर्मचारी पर दर्ज की FIR
इस मामले में पटना पुलिस ने मुख्यमंत्री कार्यालय के एक स्टेनोग्राफर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री और पीड़िता के परिवार की तस्वीर X पर साझा किए जाने की शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि तस्वीर से नाबालिग की पहचान उजागर होने की स्थिति बन सकती थी और उसकी निजता प्रभावित हुई। मामले में BNS, POCSO Act और IT Act की धाराएं लगाई गई हैं।
तेजस्वी यादव का आरोप है कि जब पुलिस अन्य लोगों के खिलाफ POCSO के तहत कार्रवाई कर रही है, तो मुख्यमंत्री के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह इस मुद्दे को अदालत में ले जाएंगे।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी तेजस्वी का हमला
इसी दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी गिरफ्तारी की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उनकी पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी और जब तक CEC का इस्तीफा नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
SIR को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने निर्णय प्रक्रिया में अलग-अलग राय को संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है।
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