Last updated: October 28th, 2026 at 03:23 pm

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 18 वर्षीय युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। यह दर्दनाक हादसा 20 अक्टूबर 2026 की सुबह राजनगर एक्सटेंशन के भोवापुर इलाके में हुआ। तीनों महिलाएं खेत में मूली निकालने और कृषि संबंधी काम के लिए गई थीं। इसी दौरान जमीन पर टूटा पड़ा बिजली का तार उनके संपर्क में आ गया। करंट लगने से तीनों बुरी तरह झुलस गईं। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और बिजली लाइनों के रखरखाव तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान सत्यवती सिंह, उम्र लगभग 50 वर्ष, और उनकी बहू रूबी सिंह, उम्र 20 वर्ष, के रूप में हुई है। हादसे में सत्यवती की 18 वर्षीय बेटी देवश्री गंभीर रूप से घायल हुई। घटना सुबह करीब छह बजे मिगसन सोसाइटी के सामने 22 सीजी स्टेडियम के पास हुई। तीनों महिलाएं बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र के खिरिया बाखरपुर गांव की रहने वाली थीं और गाजियाबाद में खेत में काम कर रही थीं।
परिजनों के मुताबिक, परिवार खेती के लिए जमीन पट्टे पर लेकर सब्जियां उगाता था। घटना वाले दिन महिलाएं सुबह खेत में मूली निकालने पहुंची थीं। इसी दौरान वहां बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण महिलाएं उसकी चपेट में आ गईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की और घायल युवती को अस्पताल पहुंचाया गया। सत्यवती और रूबी को भी उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घायल देवश्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती रिपोर्टों में उसकी हालत गंभीर बताई गई थी। हादसे के बाद परिवार के सदस्यों ने बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि तार पहले से टूटा हुआ था, तो उसे समय रहते हटाया या बिजली आपूर्ति बंद क्यों नहीं की गई। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बिजली विभाग से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इलाके में सड़क निर्माण का काम चल रहा था। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान डंपर की ट्रॉली उठाने से बिजली के तार प्रभावित हुए और वे टूटकर नीचे गिर गए। बताया गया कि बिजली की लाइन को सुरक्षित रखने और निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में जांच की जा रही है। हालांकि, घटना की जिम्मेदारी किसकी थी और किन परिस्थितियों में तार टूटा, इसका अंतिम निर्धारण जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और बिजली विभाग से जुड़े अधिकारियों के बीच निर्माण कार्य की स्थिति को लेकर भी जानकारी मांगी गई। बिजली विभाग के अधिकारियों ने मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की बात कही। प्रारंभिक जांच में निर्माण गतिविधियों और बिजली के तारों के संपर्क में आने की आशंका सामने आई। अधिकारियों का कहना था कि घटनास्थल पर तारों की स्थिति और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी।
यह घटना खेतों, निर्माण स्थलों और ग्रामीण इलाकों में बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को उजागर करती है। खुले स्थानों में टूटकर गिरा बिजली का तार लोगों के लिए जानलेवा खतरा बन सकता है, खासकर तब जब तार में करंट प्रवाहित हो रहा हो। ऐसे मामलों में बिजली आपूर्ति तत्काल बंद करना, प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करना और टूटे तार की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।
गाजियाबाद की इस घटना में दो महिलाओं की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। वहीं, घायल युवती के उपचार और हादसे की जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर परिवार की चिंता बनी रही। पुलिस और संबंधित विभागों की जांच का उद्देश्य दुर्घटना के कारणों का पता लगाना तथा जिम्मेदार पक्षों की भूमिका स्पष्ट करना है। इस घटना ने एक बार फिर बिजली लाइनों के रखरखाव, निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और समय पर कार्रवाई की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
![]()
Comments are off for this post.