Last updated: October 31st, 2026 at 02:46 pm

दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी इलाके जहांगीरपुरी में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक 30 वर्षीय युवक पर अपने ही घर में आग लगाने का आरोप है। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और घर के अंदर रखा एलपीजी सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इस दौरान आग बुझाने पहुंचे दिल्ली दमकल सेवा के एक कर्मचारी को गंभीर रूप से जलने की चोटें आईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी स्थित ई-ब्लॉक में हुई। दिल्ली दमकल सेवा को सुबह करीब 11 बजकर 23 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली, जबकि पुलिस को इस संबंध में 11 बजकर 26 मिनट पर कॉल प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। आग एक तीन मंजिला इमारत के भूतल पर लगी थी, जहां घरेलू सामान और एलपीजी सिलेंडर मौजूद था।
प्रारंभिक पुलिस जांच में युवक की पहचान भारत के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई है। पुलिस का आरोप है कि उसने कथित तौर पर शराब के नशे में अपने घर में आग लगाई थी। यह मकान उसके माता-पिता का बताया जा रहा है। घटना के समय उसकी मां राज रानी भी घर में मौजूद थीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मां और बेटे दोनों सुरक्षित बाहर निकल आए। हालांकि, आग लगने के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर पुलिस अभी जांच कर रही है।
आग बुझाने के दौरान स्थिति अचानक गंभीर हो गई, जब घर के अंदर रखा एलपीजी सिलेंडर विस्फोट के साथ फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। घटनास्थल पर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटने लगे। इसी दौरान दमकल विभाग के कर्मचारी अंकित इसकी चपेट में आ गए।
पुलिस ने घायल दमकलकर्मी की पहचान 32 वर्षीय अंकित के रूप में की है। उन्हें चेहरे, बालों और दोनों हाथों पर जलने की चोटें आई हैं। अधिकारियों के अनुसार, उनके शरीर का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया। शुरुआत में उन्हें बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें आग बुझाने के दौरान सिलेंडर में विस्फोट होता दिखाई देता है। वीडियो में धमाके के बाद आग और धुएं का बड़ा गुबार उठता नजर आता है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस और दमकल विभाग घटना के समय मौजूद लोगों से जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग किस तरह फैली और विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी भारत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 326(g) के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा आग या विस्फोटक पदार्थ के इस्तेमाल से नुकसान पहुंचाने से संबंधित है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके परिवार के सदस्यों के बयान भी लिए जा रहे हैं। फिलहाल यह जांच का विषय है कि आग जानबूझकर लगाई गई थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण इमारत में रखे घरेलू सामान को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और बचाव कार्य किया गया। स्थानीय लोगों ने भी दमकलकर्मियों और पुलिस की कार्रवाई में सहयोग किया।
यह घटना दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडरों और आग से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। घरों में एलपीजी सिलेंडर का सुरक्षित इस्तेमाल, गैस रिसाव की स्थिति में सावधानी और आग लगने पर तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचना देना बेहद जरूरी है। जहांगीरपुरी की इस घटना में एक दमकलकर्मी का घायल होना यह भी दिखाता है कि आग बुझाने के दौरान बचाव दल को कितने जोखिम का सामना करना पड़ता है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और आरोपी की भूमिका को लेकर पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
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