Last updated: May 27th, 2026 at 02:47 pm

भारत की राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रही है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह QUAD की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग, आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार QUAD देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि और विदेश मंत्री बैठक में शामिल हो सकते हैं। भारत इस मंच के जरिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, मुक्त व्यापार और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के बीच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
QUAD समूह में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में यह मंच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के प्रमुख समूह के रूप में उभरा है। खासतौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच QUAD की भूमिका लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
बैठक में समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन, साइबर सुरक्षा, उभरती तकनीक और रक्षा सहयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। भारत लंबे समय से मुक्त और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की वकालत करता रहा है। सरकार का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता वैश्विक व्यापार और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार QUAD को भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है। भारत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा और तकनीकी सहयोग लगातार मजबूत कर रहा है। हाल के वर्षों में संयुक्त सैन्य अभ्यास और रणनीतिक समझौतों में भी तेजी देखने को मिली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि QUAD केवल सुरक्षा मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक और तकनीकी सहयोग का भी बड़ा नेटवर्क बनता जा रहा है। सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है।
हालांकि चीन QUAD को लेकर लगातार चिंता जताता रहा है। चीन का आरोप है कि यह समूह क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं QUAD देशों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देना है।
राजनीतिक और रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत के लिए QUAD मंच कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इससे भारत को वैश्विक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और तकनीकी सहयोग हासिल करने में मदद मिल सकती है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका भी लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है।
इस बीच भारत की मेजबानी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। नई दिल्ली में होने वाली यह बैठक भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक भूमिका को दर्शाती है। सरकार इसे भारत की रणनीतिक और आर्थिक ताकत के संकेत के रूप में भी देख रही है।
आने वाले दिनों में QUAD बैठक से जुड़े एजेंडे और घोषणाओं पर वैश्विक नजर बनी रहेगी। फिलहाल भारत इस मंच के जरिए क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक रणनीतिक संतुलन में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रहा है।
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