Last updated: July 5th, 2026 at 05:18 am

दिल्ली के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को बड़ा कानूनी झटका लगा है। राउस एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें गैर-इरादतन हत्या के मामले में चार साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में आयोजित नववर्ष समारोह से जुड़ा है। आरोप था कि जश्न के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में डॉ. अर्चना गुप्ता गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद विधायक को दोषी करार दिया।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी माना। हालांकि, उनकी पत्नी रेणु सिंह सहित अन्य सह-आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया।
सजा पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष विधायक की आपराधिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। अदालत को बताया गया कि बिहार में उनके खिलाफ हत्या का एक अन्य मामला भी लंबित है, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर हैं। अभियोजन ने इसे आधार बनाकर कड़ी सजा की मांग की।
वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने का आग्रह किया। वकील ने दलील दी कि यह पहली बार है जब उनके मुवक्किल किसी मामले में दोषी ठहराए गए हैं। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार साल की सजा और आर्थिक दंड सुनाया।
राजू कुमार सिंह बिहार की राजनीति में छह बार विधायक रह चुके हैं। अदालत के इस फैसले के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है।
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