Last updated: July 14th, 2026 at 12:56 pm

जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के विधायक एचडी रेवन्ना से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अदालत ने कर्नाटक सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए रेवन्ना को नोटिस जारी किया और उनसे जवाब दाखिल करने को कहा है।
मामला कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत लगाए गए आरोप को हटाया गया था। राज्य सरकार ने इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से भी पूछे सवाल
जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने सुनवाई के दौरान रेवन्ना के वकील को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने कर्नाटक सरकार से पूछा कि हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने में देरी क्यों हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को न्यायिक प्रक्रिया में अनुशासन बनाए रखने की भी सलाह दी और समय पर कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला एचडी रेवन्ना की पूर्व घरेलू सहायिका द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। पिछले वर्ष कर्नाटक हाईकोर्ट ने धारा 354 के तहत लगाए गए आरोप को हटाते हुए केवल धारा 354A के तहत यौन उत्पीड़न से संबंधित आरोप को बरकरार रखा था।
रेवन्ना का नाम उस समय भी चर्चा में आया था, जब उनके बेटे और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े मामलों ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई के दौरान एचडी रेवन्ना का पक्ष और कर्नाटक सरकार की दलीलों पर आगे विचार किया जाएगा।
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