Last updated: July 25th, 2026 at 11:47 am

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंपने की जानकारी देते हुए कहा कि देशभर में छात्रों के आंदोलन और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। इस्तीफे से पहले उन्होंने देश के युवाओं के नाम एक खुला पत्र भी जारी किया, जिसमें अपने कार्यकाल, शिक्षा सुधारों और इस्तीफा देने के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया।
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार से जुड़े रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की नींव है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनके भविष्य को लेकर वह हमेशा गंभीर रहे हैं।
उन्होंने NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए लिखा कि परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। साथ ही भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का निर्णय भी लिया गया।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उनकी प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारु तरीके से संपन्न कराना रही। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और अभिभावकों के सहयोग से दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
अपने पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी इससे पीछे नहीं हटे। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया या किसी अन्य गड़बड़ी की वजह से प्रभावित न हो।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुखी किया। उनके अनुसार, देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य किसी भी तरह के विवाद या कानूनी प्रक्रियाओं में उलझे।
इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि देशहित और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अपने संदेश के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी वह राष्ट्रसेवा और देश के युवाओं के हित में कार्य करते रहेंगे।
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