Last updated: September 6th, 2026 at 03:37 pm

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जन्माष्टमी के मौके पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। शीशगढ़ थाना क्षेत्र में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली में करंट फैल गया। हादसे में 10 साल के एक बच्चे और ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात गांव में जन्माष्टमी की झांकी और शोभायात्रा निकाली जा रही थी। शोभायात्रा में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली पर साउंड सिस्टम लगाया गया था। इसी साउंड सिस्टम के लिए ट्रॉली पर एक लोहे का पाइप लगाया गया था। बताया गया कि यह पाइप ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। तार के संपर्क में आते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में बिजली का करंट दौड़ गया और तेज आवाज के साथ हादसा हो गया।
हादसे के समय ट्रॉली पर कई लोग मौजूद थे। जैसे ही वाहन में करंट दौड़ा, वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग घबराकर ट्रॉली से नीचे कूद गए। पुलिस के अनुसार, ट्रैक्टर चालक वीरेंद्र, साउंड सिस्टम संचालक बंटी और 10 वर्षीय दीप करंट की चपेट में आ गए। दीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे ट्रैक्टर चालक वीरेंद्र को इलाज के लिए बरेली ले जाया गया। उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। साउंड सिस्टम संचालक बंटी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायल व्यक्ति का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है। प्रशासन ने घटना के संबंध में राजस्व टीम से रिपोर्ट मांगी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी सामने आई। ग्रामीणों का आरोप है कि शोभायात्रा निकाले जाने की जानकारी पहले से थी, इसके बावजूद हाईटेंशन लाइन को पर्याप्त ऊंचाई पर करने या बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों के मुताबिक बिजली का तार काफी नीचे लटक रहा था, जिसकी वजह से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगा लोहे का पाइप उसके संपर्क में आ गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
इस घटना ने धार्मिक जुलूसों और शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीजे वाहनों और झांकियों के साथ शामिल होते हैं। कई बार वाहनों पर ऊंचे ढांचे, झंडे, पाइप या सजावटी सामान लगाए जाते हैं, जिससे ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनों के साथ संपर्क का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन के लिए ऐसे आयोजनों से पहले बिजली लाइनों की ऊंचाई और मार्ग की सुरक्षा जांचना महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्थानीय स्तर पर हादसे के बाद लोगों में शोक का माहौल है। जन्माष्टमी जैसे धार्मिक उत्सव के दौरान हुई इस घटना ने परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं। खासतौर पर 10 वर्षीय बच्चे की मौत से इलाके के लोगों में गहरा दुख है। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बिजली लाइनों और धार्मिक जुलूसों के मार्ग की पहले से जांच कराने की मांग की है।
पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। हादसे के तकनीकी कारणों और बिजली लाइन की स्थिति की भी जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि शोभायात्रा के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों और किसी संभावित लापरवाही को लेकर आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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