Last updated: September 11th, 2026 at 03:56 pm

नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली डिवीजन से गुजरने वाली करीब 120 ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। इनमें राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत, तेजस राजधानी, पूर्वा एक्सप्रेस और कई लोकल EMU सेवाएं शामिल हैं। कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों के रूट, समय और शुरुआती या अंतिम स्टेशन में बदलाव किया गया है।
रेलवे के अनुसार 11 से 13 सितंबर के बीच किए गए बदलाव परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े हैं। BRICS सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में VVIP और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही बढ़ने वाली है। इसके चलते रेलवे ने भी अपनी सेवाओं को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार नियंत्रित करने का फैसला किया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें।
11 सितंबर को कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा है। नई दिल्ली से रांची, डिब्रूगढ़, सियालदह, हावड़ा और भुवनेश्वर जाने वाली कुछ राजधानी एक्सप्रेस को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस समेत कुछ अन्य ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। वहीं कई EMU सेवाएं रद्द की गई हैं। लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों के प्रस्थान समय को भी आगे किया गया है।
कुछ ट्रेनों को रीशेड्यूल भी किया गया है। उदाहरण के तौर पर नई दिल्ली से हैदराबाद जाने वाली ट्रेन और ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस को निर्धारित समय से दो घंटे बाद रवाना किया जाना है, जबकि पश्चिम एक्सप्रेस को भी देरी से चलाया गया है। पूर्वा एक्सप्रेस के प्रस्थान में भी बदलाव किया गया है। ऐसे में यात्रियों के लिए टिकट पर दर्ज पुराने समय के आधार पर स्टेशन पहुंचना परेशानी का कारण बन सकता है।
12 सितंबर को भी रेल परिचालन में कई बदलाव जारी रहेंगे। इस दिन कई लोकल EMU सेवाएं रद्द रहेंगी। गोमती एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस और कुछ राजधानी एक्सप्रेस को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। वंदे भारत सहित कुछ ट्रेनों को रास्ते में नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे उनके गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग सकता है। तेजस राजधानी और अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों के प्रस्थान समय में भी बदलाव किया गया है।
रेलवे ने कुछ ट्रेनों के शुरुआती और अंतिम स्टेशन भी बदले हैं। इसका मतलब है कि ट्रेन अपने सामान्य टर्मिनल के बजाय किसी दूसरे स्टेशन से शुरू हो सकती है या उससे पहले ही यात्रा समाप्त कर सकती है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक परिवहन की जरूरत पड़ सकती है। खासकर दिल्ली-NCR में रोजाना EMU और लोकल ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को इस बदलाव का सीधा असर झेलना पड़ सकता है।
13 सितंबर को भी कई सेवाओं पर असर रहेगा। कुछ EMU ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर और शिवगंगा एक्सप्रेस समेत कुछ सेवाओं को वैकल्पिक मार्ग से चलाने की योजना है। कुछ ट्रेनों को उनके सामान्य गंतव्य स्टेशन से पहले ही समाप्त किया जाएगा।
रेलवे की यह व्यवस्था BRICS सम्मेलन की सुरक्षा और परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है। दिल्ली में इसी अवधि के दौरान सड़क यातायात पर भी व्यापक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू हैं। 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर यातायात नियंत्रित किया जा रहा है और VVIP काफिलों के दौरान कुछ मार्गों पर अस्थायी रोक भी लग सकती है। ऐसे में रेलवे की ओर से ट्रेनों के संचालन में किए गए बदलाव का उद्देश्य यात्रियों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना है।
यात्रियों के लिए सबसे जरूरी सलाह यही है कि 11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली डिवीजन से यात्रा करने से पहले ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर जांचें। केवल टिकट पर लिखे समय और स्टेशन पर निर्भर रहना उचित नहीं होगा। रेलवे के NTES सिस्टम या 139 हेल्पलाइन के जरिए ताजा जानकारी ली जा सकती है।
BRICS सम्मेलन का असर दिल्ली की रेल सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। करीब 120 ट्रेनों के रूट, समय और संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं। सम्मेलन खत्म होने के बाद सामान्य परिचालन बहाल होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक यात्रियों को अपनी यात्रा पहले से प्लान करने और रेलवे के ताजा अपडेट के अनुसार ही स्टेशन पहुंचने की जरूरत होगी।
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