Last updated: September 21st, 2026 at 02:43 pm

बिहार के जमुई में छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की जांच के लिए महिला एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाने की बात कही है।
तीन नाबालिग हिरासत में, दो युवकों की तलाश
बिहार पुलिस मुख्यालय के एडीजी विधि-व्यवस्था के.एस. अनुपम के मुताबिक, मामले में अब तक तीन नाबालिगों को डिटेन किया गया है। घटना में शामिल बताए जा रहे दो अन्य युवकों की पहचान भी कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
एडीजी ने बताया कि एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पॉक्सो एक्ट के तहत केस, स्पीडी ट्रायल की तैयारी
पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया से वीडियो हटवाने की कार्रवाई
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे हटवाने के लिए कदम उठाए हैं। एडीजी के अनुसार, विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो टेकडाउन कराया गया है, ताकि उसका प्रसार रोका जा सके। पुलिस ने यह भी कहा है कि जिन लोगों या वेबसाइटों ने नाबालिग छात्रा का चेहरा दिखाते हुए वीडियो प्रसारित किया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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